अमर उजाला के संवाददाता शिशिर चौरसिया ने हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड (एचएमआईएल) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (सेल्स एंड मार्केटिंग) राकेश श्रीवास्तव से विस्तृत बातचीत की है।
नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद मेक इन इंडिया पर काफी ही जोर है। एचएमआईएल इस दिशा में क्या योगदान कर रही है?
एचएमआईएल तो पहले से ही मेक इन इंडिया के सपने को साकार कर रही है। पिछले 16 साल से हम कारों का निर्यात कर रहे हैं जिनमें से 10 साल के से तो हम भारत से कार निर्यात करने वाले नंबर वन एक्सपोर्टर रहे हैं। आप भारत में हमारा सफर देखिए तो हमने यहां 1997 में कदम रखा और महज 18 महीने में अपनी फैक्ट्री लगा ली।
उसके बाद हमने उत्पादन, विपणन, निर्यात सब ओर ध्यान देना शुरू किया। इस समय हमारे पास 18 साल का अनुभव है और 16 साल पहले भारत से कारों का निर्यात शुरू कर दिया था।
हम सस्टेंड ग्रोथ में विश्वास रखते हैं। उम्मीद करते हैं कि यह साल भी ठीक ठाक रहेगा। अभी देखें तो हम चेन्नई प्लांट से अफ्रीका, पश्चिम एशिया, लैटिन अमेरिका, आस्ट्रेलिया और एशिया प्रशांत के देशों समेत करीब 85 देशों में कारों का निर्यात कर रहे हैं।
वर्ष 2015 को किस तरह से देखते हैं?
यह वर्ष काफी अच्छा रहेगा। इस दौरान हमने 60 लाख कारें बनाने का लक्ष्य तय किया है। इनमें से करीब 40 लाख कारें घरेलू बाजार में बेची जाएंगी, जबकि 20 लाख कारों का निर्यात होगा। कुल मिला कर देखें तो हमने चालू कैलेंडर वर्ष के लिए 13 फीसदी विकास का लक्ष्य तय किया है।