बीसी टीम को गूगल की महत्वाकांक्षी बिना ड्राइवर की कार परियोजना के शुरुआती मॉडल को देखने का मौका मिला।
ड्राइवर के बिना चलती हुई इस कार को देखने का अनुभव काफ़ी दिलचस्प था। गूगल ने दूसरी कंपनियों पर भरोसा करने के बजाय ख़ुद ही इस कार को बनाने का फ़ैसला किया है।
गूगल की नई स्वचालित कार चलेगी तो ख़ुद से लेकिन फिर भी उसको चलाने के लिए ड्राइवर की ज़रूरत पड़ेगी।
गूगल के इन ड्राइवरों को मशीन को ड्राइविंग सिखानी होगी। अगर ड्राइवर कंप्यूटर के द्वारा कार चलाने में थोड़ा भी असहज महसूस करते हैं तो वे पेडल खींचकर और स्टीयरिंग के सहारे उसे रोक सकते हैं।
इंजीनियर तब कंप्यूटर से जानकारी एकत्रित कर के कार के दिशा-निर्देशों को तय करेंगे।
काल्पनिक ड्राइविंग और मानवीय हस्तक्षेप के बीच तुलना कार के सॉफ्टवेयर को सुधारने में मदद कर सकती है।
देखने में कार्टून की तरह
गूगल की ये कार देखने में कार्टून की तरह लगती है। इसमें फुटपाथ पर चलने वालों के लिए ऐसे फ़ीचर होंगे जिनकी मदद से टक्कर होने पर उन्हें ज़्यादा नुकसान न पहुंचे।
कंपनी का दावा है कि अगर कार को बिना ड्राइवर के ही चलना है तो तो उन्हें परंपरागत कारों के डिज़ाइन आजमाने की ज़रूरत नहीं है।
हालांकि आख़िर में गूगल चाहता है कि इन कारों पर कोई नियंत्रण न हो लेकिन शुरुआती कारों पर इंसानी नियंत्रण के लिए स्टीयरिंग या पेडल होंगे।
करनी होगी निगरानी
इस कार में मौज़ूद व्यक्ति का कार पर तो कोई नियंत्रण नहीं रहेगा लेकिन फिर भी वह सतर्क रहेगा, सड़क पर देखेगा और स्वचालित उपकरणों की हर गलती पर नज़र रखेगा।
गूगल के टेस्ट ड्राइवर ब्रायन टोरसेलीनी का कहना है कि अगर कार चलाने के दौरान आप बोरियत महसूस करते हैं तो इसका मतलब है कि आप सुरक्षित हैं।
ब्रायन इस कार को चलाने वाले उन लोगों को भी प्रशिक्षित करने का काम कर रहे हैं जो ख़ुद इसे ड्राइव नहीं करेंगे।
गूगल कार चलाना कितना मुश्किल?
गूगल की स्वचालित कार तेज़ी से रफ़्तार पकड़ती है और साइकिल सवारों और पैदल यात्रियों से सड़क पर जूझती है।
सिलिकॉन वैली में भी बग़ैर ड्राइवर की गूगल कार को जितनी तवोज्जो मिलती है उसे देखकर उन लोगों को भी जलन हो सकती है जो फ़रारी चलाते हैं।
इस कार में सफ़र करने के अनुभव को सुधारने के लिए टेस्ट ड्राइवर अहम हैं ताकि ये महसूस किया जा सके कि यात्रा कैसी थी।
गूगल कार के टेस्ट ड्राइवर लोरेन कहते हैं, "बहुत से लोग सोचते हैं कि हमारा काम बड़ा अच्छा है और वाकई में ऐसा है! इतिहास बनने की कगार पर है और इसका हिस्सा बनना शानदार है।"
टेस्ट ड्राइवर कार के सॉफ़्टवेयर में आ रही मुश्किलों को आसान करने का भी काम करते हैं, वो कार में बैठे-बैठे ही एक लैपटॉप पर ड्राइविंग के अनुभव को दर्ज करते हैं।
'अच्छी समझ की तलाश'
गूगल के प्रमुख टेस्ट ड्राइवर ब्रायन टोरसेलिनी उन लोगों को सलाह देते हैं जो इस कार के ड्राइवर का काम करना चाहते हैं।
टोरसेलिनी कहते हैं, "हम ऐसे लोगों की तलाश में हैं जो अच्छी समझ वाले हों।"
ये चीज़ एक बार के छोटे से साक्षात्कार में तय करनी मुश्किल होती है इसलिए ड्राइवरों की भर्ती कई चरणों में होती है और उनका एक ड्राइविंग इंटरव्यू भी होता है।
ये प्रक्रिया लंबी है लेकिन जैसा कि गूगल ने ऐलान किया है ठीक उसी तरह गूगल कारों का बेड़ा भी बढ़ता है तो उन्हें कहीं ज़्यादा टेस्ट ड्राइवरों की ज़रूरत होगी।