ऑटो एक्सपो 2016 के फरवरी में मारुति ने जब Ignis कांसेप्ट को प्रदर्शित किया था उस समय सबसे ज्यादा भीड़ मारुति के पंडाल में आई थी। कंपनी की इस कार को शानदार प्रतिक्रिया लोगों से मिली थी। समय बीता और एक पूरा साल गुजरते ही जब बलेनो और ब्रेजा का वेटिंग पीरियड थोड़ा नीचे आया तो मारुति सुजुकी ने नए साल के तोहफे के रूप में इग्निस को लांच कर दिया।
दिल्ली में इंदिरागांधी स्टेडियम में दुनिया के महशूर स्वीडिश डीजे एक्सबेल के प्रदर्शन के बीच जब इग्निस लोगों के सामने आई तो हर किसी ने इसकी तारीफ की। लेकिन इसके 11 वेरिएंट में सबसे सस्ता है पेट्रोल मैनुअल सिग्मा जिसकी कीमत है 4 लाख 59 हजार रुपये है जबकि डीजल ऑटोमेटिक जेटा की कीमत 7 लाख46 हजार रुपये।
इसके बेस वेरिएंट और उच्च वेरिएंट के बीच कीमत का यह अंतर लोगों को चौंकाने वाला है। लेकिन इसके बावजूद लोगों ने कार की तारीफ की। यह कार आखिर में चलाने में कैसी है और यह अपनी कीमत को कैसे जस्टीफाई करती है यह जानने के लिए हम पहुंचे चेन्नई जहां पर लगभग 150 किलोमीटर की इग्निस ड्राइव में उन ढेर सारे सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश की जिसे वो लोग जानना चाहते हैं जो इग्निस खरीदने की सोच रहे हैं। तो आइए चलते हैं चेन्नई-पुदूचेरी को जोड़ने वाली ईस्ट कोस्ट रोड पर जहां हम इग्निस चलाएंगे।
कैसी है डिजाइन
डिजाइन के लिहाज से बात करें तो यह एक संपूर्ण कार नजर आती है। इसमें स्पोर्टी अंदाज कई स्वरूप में नजर आता है।
- फोटो : अमित द्विवेदी
मारुति सुजुकी ने डिजाइन में कोई कमी नहीं छोड़ी है। जिसे आप अच्छा कहते हैं और जो अच्छा दिखता है वह सबकुछ इग्निस में है। मेरा मानना है कि इग्निस अपनी परफॉर्मेंस ज्यादा अपने लुक के आधार पर बिकेगी। अब तक मारुति सुजुकी ने इसकी 10 हजार बुकिंग रिसीव की है जो कि इस बात का प्रमाण है नंबर गेम में इग्निस क्या करने वाली है। अगर आप ऊंचाई पर खड़े हैं और नीचे खड़ी इग्निस को ध्यान से देखेंगे तो ऐसा लगेगा कि एक मिनी स्विफ्ट खड़ी है। लेकिन जब आप इसे बगल से और सामने से देखेंगे तो पता चलता है कि यह एकदम अलग है। इसकी हेडलाइट को बेहद खूबसूरती के साथ मारुति की डिजाइन टीम ने तैयार किया है। इसकी हेडलाइट हो सकता है कुछ लोगों को पसंद न आए पर अंधेरी रात मे जहां पर स्ट्रीट लाइट न हो वहां पर जब आप इसकी लाइटों को देखेंगे तो एक अलग यू शेप का दो प्रकाशकुंज नजर आता है वह काफी आकर्षक लगता है। लेकिन कुछ लोग इन लाइटों को आफ्टर मार्केट जैसा बता रहे हैं।
आफ्टर मार्केट बोले तो गाड़ी खरीदने के बाद लाइट कहीं और से लगवा ली। पीछे से देखने पर इसकी खूबसूरती को आंका नहीं जा सकता उसके लिए आपको इस गाड़ी को इस तरह से खड़ा करना पड़ेगा जिससे पीछे यह तब दिखे जब यह साइड से भी थोड़ी नजर आए। ऐसा मैं इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि पिछले पहिए पर बना व्हील आर्च थोड़ा बाहर निकला हुआ है और इसके ठीक ऊपर बड़ी, फिर थोड़ी छोटी फिर उससे भी छोटी तीन लाइनें गहराई में उभरी हैं इससे इस कार का स्पोर्टी परफॉर्मेंस और यंग लुक दिखाया गया है। व्हील आर्च के आकार में बहती हुई लाइनें पीछे टेललैंप में जाकर घुल जाती हैं नइ लाइनों के साथ भी मारुति ने युवा मन के आवेग को प्रदर्शित करने का पूरा प्रयास किया है। हालांकि यही वो लाइनें हैं जिसे देखकर लोग इस कार के लिए दीवाने बनेंगे। कई बार लोगों को दीवाना बनाने के लिए ऊपरी खूबसूरती ही काफी होती है। इसका मतलब यह एकदम नहीं है कि मैं इस कार की बुराई कर रहा हूं अभी यहां पर सिर्फ डिजाइन की बात हो रही है इसलिए आंतरिक बातों का जिक्र प्रदर्शन में मिलेगा।
डिजाइन के जिक्र में इग्निस के फ्रंट को एकदम से नकारा नहीं जा सकता। इसकी हेडलाइट और फॉगलैंप बेहद शानदार अंदाज में प्लेस किए गए हैं। इसके ग्रिल में दोनों हेडलाइट को ऐसे अंदाज में इंटीग्रेट किया गया है कि पता ही नहीं चलता कि ये दोनों एक में ही बने हुए हैं। ग्रिल के बीच से मारुति के लोगो को दो लाइनें और अधिक परिभाषित कर रही हैं। टू टोन कलर में यह एक प्रीमियम कार का अहसास करा देती है और लोगों की नजरें आपकी कार पर जरूर टिक जाती हैं जब आप कहीं से निकलते हैं। सिल्वर क्रोम का बॉर्डर और ब्लैक रंग की फिनिशिंग हर रंग में इस कार को अलग खूबसूरती प्रदान करती है।
बात इंटीरियर की
डैशबोर्ड का प्लास्टिक प्रीमियम टच देता है। इसका कलर कांबीनेशन इसमें स्टाइलिश अंदाज का संचार करता है।
- फोटो : अमित द्विवेदी
गाड़ी का दरवाजा खोलते ही एक नयापन आपके दिमाग आहट देता है। यह आहट ऐसी है जिसमें एक एंट्री लेवल कार का अनोखापन छिपा हुआ है। यह अलग है और इसका अंदाज जुदा है। कीलेस एंट्री यह बताने के लिए काफी है कि यह एक प्रीमियम कार है। मेरा कद छह फीट से ज्यादा है और मैं एक हैचबैक में बैठ रहा था इसलिए मैं इस बात को सही से जस्टीफाई कर सकता हूं कि आखिर में मेरे जैसे ड्राइवर के लिए इस कार में कितना स्कोप है। मुझे ड्राइविंग पोजीशन से कोई भी दिक्कत नहीं हुई पर हां मेरे बगल में बैठे को पैसेंजर को मैं न चाहते हुए भी हर दो किलोमीटर पर कोहनी मार रहा था। मेरा कहने का मतलब है कि आगे की दोनों सीटें काफी पास में हैं खासकरके जब दो हेल्दी लोग कार में फ्रंट सीट पर होते हैं। स्पोर्टी अंदाज अगर बाहर खत्म हो जाता तो शायद मारुति की मेहनत बेकार हो जाती।
इंटीरियर में स्पोर्टी अंदाज पूरी तरह से नजर आ रहा था। मैंने पेट्रोल मैनुअल व ऑटोमेटिक, डीजल मैनुअल व ऑटोमेटिक को ड्राइव किया। आपको बताते चलें इन दोनों वेरिएंट में इंटीरियर में आपको थोड़ा बदलाव नजर आएगा। डीजल मैनुअल के टॉप वेरिएंट डेल्टा व पेट्रोल डेल्टा में आपको टैबलेट वाला इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलेगा तो वहीं बाकी के मॉडल्स में सिर्फ टैबलेट जैसा स्टीयरियो नजर आएगा। गाड़ी के कंट्रोल जैसे कि एसी के सारे कंट्र्रोल ऐसे दिये गए हैं जैसे स्पोर्ट कारों में अमूमन देखने को मिलते हैं यह अच्छा बन पड़ा है। गाड़ी ड्राइव करते हुए आसानी से आप इसे एक्सेस कर सकते हैं। ऐसी वेंट गोलाकार हैं और काफी सटीकता से लगाए गए हैं। चेन्नई के 34 डिग्री तक के तापमान में इसने हमें सुकून वाली ठंड दी। डैशबोर्ड पर लगा प्लास्टिक छूने पर अच्छा फील देता है। लेकिन इसके ग्लव बॉक्स के ठीक ऊपर थोड़ी सी खाली जगह दी गई है जिसमें आप न तो चिल्लर रख सकते हैं न ही अपना फोन इसके पीछे की सोच मारुति से पूछकर कभी आपको बताएंगे पर यह जगह यहां क्यूं है। कार के चारों दरवाजे में एक लीटर वाली पानी की बोतल आराम से रखी जा सकती है। दरवाजे पर दिया गया लाल रंग का हैंडल खूबसूरत लगता है और इसकी उपयोगिता खूबसूरती से ज्यादा समझ नहीं आती। स्टीयरिंग व्हील अच्छा है और बढ़िया ग्रिप देता है लेकिन कई बार टायरों से तालमेल नहीं बिठा पाता इसका जिक्र मैं परफॉर्मेंस में करूंगा। थ्री स्पोक एलॉय व्हील पर आपको ऑडियो कंट्रोल, फोन एक्सेस कंट्रोल के अलावा इंफो का बटन भी मिलेगा जिसके सहारे आप कार इंफॉर्मेंशन जैसे कि एव्रेज फ्यूल इकोनॉमी, इंस्टैंट फ्यूल इकोनॉमी, ड्राइविंग टाइम, एव्रेज स्पीड जैसी सूचनाएं एक्सेस करने की सहूलियत मिल मिलती है। इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर में दो क्लॉक आपको मिलेंगे जिसमें आप आरपीएम और स्पीडो देख सकते हैं। अब एक काम करते हैं गाड़ी की पिछली सीट पर बैठते हैं और फिर बताते हैं कि अगर आप एक ड्राइवर हायर करके इग्निस का अनुभव करो तो कैसा रहेगा। पीछे वाली सीट पर बैठते ही सबसे पहला काम मैंने हेडरेस्ट निकालने का किया। ऐसा मैंने इसलिए किया कि इसके रियर सीट के हेड रेस्ट स्पिलिट हो सकते हैं लेकिन लंबे यात्री के सिर को सहारा देने के बजाए यह कंधे के पास चुभने लगते हैं इसलिए मैंने इसको निकाल दिया हो सकता है कि आपको ये हेडरेस्ट आरामदायक लगें यह कुल मिलाकर व्यक्ति-व्यक्ति पर निर्भर करता है। लेकिन पीछे सीट का लेगरूम देखकर मैं वास्तव में सरप्राइज था। मैं यहां पर पैर फैलाकर आराम से बैठा था और पीछे की फ्लैट बेंच मुझे आरामदायक लग रही थी। इन तस्वीरों को देखकर आपको पता चल जाएगा कि इसके पीछे कितनी जगह है। इंटीरियर की कहानी पूरी करने से पहले अब एक बार पीछे बूट पर भी नजर डाल लेते हैं और देखते हैं कि क्या मिलेनियल्स की इस कार में सामान कितना रखा जा सकता है। कंपनी द्वारा दिए गए डेटा के मुताबिक इस कार में 260 लीटर का बूट स्पेस है और इसको और बढाया जा सकता है अगर आप पीछे की सीटें फोल्ड कर देंगे। पीछे की सीट बहुत अच्छे से फोल्ड होती है।
इंजिन और परफॉर्मेंस
इसमें मारुति ने 1.2 लीटर पेट्रोल और 1.3 लीटर डीजल इंजिन लगाया है।
- फोटो : अमित द्विवेदी
बिना इंजिन की बात किए किसी भी कार की कहानी अधूरी रह जाएगी, और इस कहानी में तो हमें दो इंजिन के बारे में बात करना है। तो सबसे पहले शुरुआत करेंगे लोगों के पसंदीदा पेट्रोल इंजिन से। तो इग्निस में मारुति ने 1.2 लीटर के सीरीज वाला पेट्रोल इंजिन लगाया है और यह 1.2 वीवीटी पेट्रोल इंजिन 61 KW की शक्ति 6000 आरपीएम पर प्रदान करती है तो वहीं 113 एनएम का टॉर्क 4200 आरपीएम पर पैदा करती है। कंपनी का दावा है कि इस इंजिन से यह कार 20.89 किमीप्रली का माइलेज देगी। यह मैनुअल व ऑटोमेटिक दोनों ही ट्रांसमिशन के साथ उपलब्ध होगी। इसमें 1.3 लीटर डीजल इंजिन लगा है जो कि 55.2 KW की शक्ति 4000 आरपीएम पर तथा 190 एनएम का टॉर्क 2000 आरपीएम पर प्रदान करती है। कंपनी का दावा है कि यह इंजिन 26.80 किमीप्रली का माइलेज देगी यह कार भी मैनुअल व ऑटोमेटिक दोनों ही ट्रांसमिशन में उपलब्ध है। सबसे पहले मैंने पेट्रोल मैनुअल को ड्राइव किया और वो चेन्नई के भारी यातायात में। इंजिन का साउंड और इसका पिकअप 1.2 लीटर इंजिन के हिसाब से बेहद अच्छा लगा। इग्निस को थोड़ी सी जगह में फ्लिप करने में मजा आता है। यह अपनी लाइन पर आराम से पहुंचती है लेकिन इसके स्टीयरिंग का फीडबैक उतना कांफीडेंट नहीं दिखता जितना मुझे मारुति की अन्य कारों से अब तक मिला है। लेकिन हाईवे पर पहुंचते ही यह अपनी गति और स्थिरता दोनों से ही प्रभावित करती है। कार में पावर है और अपना काम यह आसानी से कर जाती है। इसके कंपटीशन में भले ही मारुति किसी को न मानती हो लेकिन महिंद्रा केयूवी 100 से इसकी तुलना करना जरूरी हो जाता है। हालांकि यह दूसरी बात है कि इसे देखकर फिलहाल लोगों के दिमाग में किसी और जिक्र नहीं आता। मुझे दोनों ईंधन विकल्पों में मैनुअल ज्यादा अच्छी लगी। ऑटोमेटिक में शिफटिंग मन मुताबिक नहीं आता और यह बात मुझे अच्छी नहीं लगती और अपने हिसाब से ऑटोमेटिक को ड्राइव करने के लिए मुझे मैनुअल का सहारा लेना पड़ता है। तो ऐसे में अगर मैं कोई इग्निस खरीदूंगा तो मानकर चलिए कि वह मैनुअल ही होगी। इसकी शिफ्टिंग मुझे काफी पसंद आई।
इंफोटेनमेंट सिस्टम
इग्निस
- फोटो : अमित द्विवेदी
इसके इंफोटेनमेंट सिस्टम को एंड्रायड ऑटो, एपल कार प्ले से आसानी से कनेक्ट किया जा सकता है। साथ ही मिरर लिंक एक इनबिल्ट वाइस रिकग्नीशन सिस्टम से जुड़ा हुआ है। पैडल टेक्नोलॉली के तहत इसमें ऑटो गियर शिफट टेक्नोलॉजी दी गई है जो कि आपको पेट्रोल व डीजल दोनों ही इंजिनों में मिलेगी। इसमें दो इंजिन का विकल्प है जिसमें पेट्रोल व डीजल शामिल हैं। अगर आप इसके पेट्रोल मैनुअल के टॉप वेरिएंट को खरीदते हैं तो आपको टैबलेट जैसा इंफोटेनमेंट सिसटम मिलेगा जिस पर आप ब्लूटुथ कनेक्ट कर सकते हैं साथ ही गूगल मैप भी यूज कर सकते हैं। लेकिन वहीं जब आप डीजल ऑटोमेटिक टॉप वेरिएंट लेंगे तो आपको काले रंग में लिपटा सुंदर स्टीरियो तो मिलेगा लेकिन वह टचस्क्रीन नहीं है।
सुरक्षा के लिहाज से
पीछे सीट में पैसेंजर के लिए पर्याप्त लेगरूम रहता है। खासकरके लंबे यात्रियों के लिए।
- फोटो : अमित द्विवेदी
2020 में आ रहे सुरक्षा मानकों पर सजगता दिखाते हुए कंपनी ने पहले से खुद को उस खरा उतारना शुरू कर दिया है। इसके तहत कंपनी ने हर वेरिएंट में एडवांस सुरक्षा फीचर जैसे कि ड्यूल फ्रंट एयरबैग, एबीएस विद एबीडी, आइसोफिक्स चाइल्ड सीट, पेडेस्ट्रियन प्रोटेक्शन महत्वपूर्ण रूप से शामिल है। इसके अंग-अंग में स्पोर्टी तड़का दिखता है पर यह कम बजट की सुरक्षित कार है जिसे आप बंपर टू बंपर ट्रैफिक में तो चला ही सकते हैं साथ में हाईवे का आनंद भी उठा सकते हैं। चेन्नई से पुदूचेरी को जोड़ने वाली पतली सड़क पर इसका ओवरटेकिंग कांफीडेंश काबिलेतारीफ था।
हमारी राय
इग्निस
- फोटो : अमित द्विवेदी
अगर आपने पहली नौकरी ज्वाइन की है और सेलरी 40 हजार रुपये महीने तक आप कमाते हैं तो पेट्रोल डेल्टा खरीदने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन अगर आपको सात लाख से ऊपर की कार खरीदनी हो तो ऑप्शन और देखने में कोई बुराई नहीं है। मारुति ने अपनी विश्वसनीयता से हमेशा लोगों को संतुष्टि दी है और इस कार को खरीदने के लिए अच्छी बात है आपको ज्यादा रिव्यू पढ़कर आंख नहीं दुखाना पड़ेगा। यह एक शानदार युवा मन को मोह लेने वाली कार है जिसमें अपेक्षाओं और उम्मीदों की किरण समाहित है। जब आपके सपने पूरे होंगे तो हो सकता है कि आपके गैराज में यह कार अपनी जगह बना ले।
तकनीकि विवरण
इग्निस
- फोटो : अमित द्विवेदी
इंजिन पेट्रोल 1.2 लीटर
डीजल इंजिन 1.3 लीटर
शक्ति पेट्रोल 61 केडब्ल्यू @6000 आरपीएम
शक्ति डीजल 55.2 केडब्ल्यू @4000 आरपीएम
पेट्रोल टॉर्क 113 एनएम @4200 आरपीएम
डीजल टॉर्क 190 एनएम@2000 आरपीएम
पेट्रोल माइलेज 20.89 किमीप्रली
डीजल माइलेज 26.80 किमीप्रली
लंबाई 3700 मिमी
चौड़ाई 1690 मिमी
ऊंचाई 1595 मिमी
व्हीलबेस 2435 मिमी
ग्राउंडक्लीयरेंस 180 मिमी
बूट स्पेस 260 लीटर
कीमत पर एक नजर
इसके बूट में 260 लीटर की जगह है जिसमें दो बैग आराम से रखे जा सकते हैं।
- फोटो : अमित द्विवेदी
पेट्रोल मैनुअल
सिग्मा- 4,59,000 रुपये
डेल्टा- 5,19,000 रुपये
जेटा- 5,75,000 रुपये
अल्फा- 6,69,000रुपये
पेट्रोल ऑटोमैटिक
डेल्टा- 5,74,000 रुपये
जेटा- 6,30,000 रुपये
डीजल मैनुअल
डेल्टा- 6,39,000 रुपये
जेटा- 6,91,000रुपये
अल्फा- 7,80,000 रुपये
डीजल ऑटोमैटिक
डेल्टा- 6,94,000 रुपये
जेटा- 7,46,000 रुपये