मोटर बनाने वाली दिग्गज कंपनी फोर्ड की चालक रहित कारें अब बर्फ में भी फर्राटा भरेंगी। इसके अलावा, गूगल भी बर्फ में चलने वाली कारों का परीक्षण कर रहा है।
मोटर बनाने वाली दिग्गज कंपनी फ़ोर्ड की चालक रहित कारें अब बर्फ़ में भी फ़र्राटा भरेंगी। कंपनी के अनुसार बर्फ़ीले मौसम या बर्फ़बारी वाले इलाक़ों में उनके चालक रहित कार का टेस्ट ड्राइव सफल रहा।
बर्फ़ीले मौसम में कार के चलने और उस पर नियंत्रण रखने के लिए एक साल से अधिक समय से परीक्षण चल रहा था। चालक रहित कार के लिए बर्फ़ की सतह पर चलना बेहद चुनौती भरा होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि चालक रहित कार सड़क की दिशा-दशा का पता करने के लिए जिस सेंसर का इस्तेमाल करती है वे सर्दी के मौसम में ठीक से काम नहीं करते।
खराब मौसम में चालक रहित कार ठीक से काम नहीं करती। इसके अलावा, गूगल भी बर्फ में चलने वाली अपनी स्वचालित कारों का परीक्षण कर रहा है।
चालक रहित कारें अपने आस-पास की स्थितियों का पता लगाने के लिए लाइट डिटेक्शन और रेंजिंग (लिडार) सेंसर की मदद लेती हैं।
लिडार सेंसर बड़ी तेज़ी से लेज़र लाइटों को कार से दूर फेंकता है और फिर पता करता है कि उसमें से कितनी लाइटें परावर्तित होकर वापस आती हैं। लिडार रेडियो वेव की मदद से काम करने वाले रडार की तरह ही काम करता है।