टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने एक ट्वीट के जरिए जानकारी दी है कि टेस्ला की कारें पूरी तरह से सेल्फ ड्राइविंग क्षमता से संपन्न हो जाएंगी। जब मास्क से ट्विटर पर यह सवाल किया गया था कि कब तक उनकी ऑटोपायलट फीचर से चलने योग्य बन जाएंगी। इस ट्वीट के जवाब में मस्क ने कहा कि 3 से 6 महीने में ऐसा संभव हो जाएगा। हालांकि उन्होंने यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं किया कि फुल सेल्फ ड्राइविंग का मतलब क्या है। लेकिन इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो पांचवे लेवल की स्वयं चलने वाली कार की बात कर रहे हैं जिसमें यात्रा के दौरान किसी भी समय ड्राइवर की जरूरत नहीं पड़ती। पिछले साल टेस्ला ने अपनी पूरी रेंज को अपडेट किया था जिससे उससे पांचवे स्तर तक लाया जा सके। इसके तहत कंपनी ने दो अल्ट्रा सोनर सेंसर, 8 कैमरों और रडार को भी बदला था।
एलन ने स्पष्ट किया है कि इन फीचर्स की वजह से अब उनकी कारें उच्च लेवल पर स्थापित हो चुकी हैं। नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन को टेस्ला के ऑटो पायलट में कोई कमी नहीं मिली थी जिसके वजह से मॉडल एस के मालिक की जोशुआ ब्राउन की मौत हो गई थी। हाल ही में कंपनी ने एक और मॉडल एस 100 डी को भी बाजार में पेश किया है जो कि एक चार्ज में 470 किलोमीटर की रेंज देती है। एक चार्ज में इतनी दूर जाने वाली यह दुनिया की पहली इलेक्ट्रिक कार है।
हालांकि अभी भारत में ड्राइवरलेस कारों के आने में वक्त है, क्योंकि यहां का इंफ्रास्ट्रक्चर व अन्य सड़क संबंधी दिक्कतें इस कार के सफल संचालन में बाधा बनती है। लेकिन विदेशों में ऐसी कारें अब जल्द ही नजर आने लगेंगी हालांकि अभी लोग बिना ड्राइवर वाली कार में बैठने में डरते हैं। जैसे-जैसे ये डर जाएगा ड्राइवरलेस कारें धरती पर बर्चस्व बना लेंगी।