अर्थव्यवस्था में सुस्ती की वजह से वाहनों की मांग में भले ही कमी आई है, पर लोगों में कारों के क्रेज में कोई कमी नहीं आई है। यहीं नहीं अब लोग सस्ती कारों के मुकाबले महंगे वाहनों को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। देश में ऑटो लोन की औसत राशि (टिकेट साइज) में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह बात क्रेडिट इनफार्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड की रिपोर्ट में सामने आई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार साल 2012 की तीसरी तिमाही में औसत ऑटो लोन की राशि 5.12 लाख रुपये हो गई है। जो कि पिछले साल इसी अवधि में 4.25 लाख रुपये थी। इसके तहत मेट्रो शहरों में यह राशि 6.06 लाख रुपये पहुंच गई है। जबकि टियर-2 और टियर-3 शहरों में यह 5.05 लाख और 4.65 लाख रुपये तक पहुंच गई है। आंकडों से साफ होता है कि लोगों में पहले के मुकाबले महंगी कारों का चलन तेजी से बढ़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार सिबिल के पास सबसे ज्यादा क्रेडिट रिपोर्ट के बारे में पूछताछ के लिए ऑटो लोन को लेकर सवाल आते हैं। इसमें भी खास तौर से टियर-3 शहरों से काफी सवाल आ रहे हैं। हालांकि टियर-1 और टियर-2 शहरों में ऑटोलोन से संबंधित जानकारी लेने वालों की संख्या में कमी आई है। यानी लोगों में ऑटो लोन को लेकर काफी जागरूकता हो गई है।