चीन में 71% लोगों का मानना है कि जीवन में सफ़लता को उस सामान से मापा जा सकता है जो आपके पास है।
एक इपसोस सर्वे के अनुसार भौतिक वस्तुओं से प्रति मोह के मामले में चीन दुनिया में सबसे आगे है। उसके बाद 58% लोगों के साथ भारत है।
चीन में साम्यवादी क्रांति के बाद के शुरुआती सालों में ज़्यादातर परिवार "तीन चक्के और एक स्पीकर"- एक रेडियो, एक साइकिल, एक कलाईघड़ी और एक सिलाई की मशीन चाहते थे। लेकिन कई दशक बाद चीनियों की ज़रूरी चीज़ों की सूची काफ़ी महंगी हो गई है।
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चीनियों पर दबाव है कि शुरुआती स्तर पर उनके पास अपना घऱ, कार, स्मार्टफ़ोन, डीएसएलआर कैमरा और लैपटॉप हो। बाकी लोग डिज़ाइनर कपड़े और फ़र्नीचर भी चाहते हैं।
घर, कार नहीं तो कैसी सफ़लता?
एक आम चीनी क्या 'सफ़लता' के बारे में क्या सोचता है यह जानने के लिए हमने चीन के सड़कों पर लोगों से बात की।
सर्वे के अनुसार भौतिक वस्तुओं के प्रति सबसे कम मोह स्वीडन के लोगों, 7%, मिला। पूरी दुनिया का औसत 34% है।
एक युवा चीनी का कहना था कि सफ़लता का मतलब है कि आदमी के दिल में संतुष्टि हो। उसकी कुछ इच्छाएं पूरी हो गई हों- जिससे उसे अच्छा लगे। लेकिन इसका मतलब हमेशा पैसा और नाम नहीं होता। लेकिन भविष्य में भी उसकी कुछ ज़रूरतें पूरी होनी चाहिएं- जैसे बच्चे के लिए डाइपर।
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एक अन्य चीनी युवक के अनुसार सफ़लता का मतलब यह है कि आपने अपने लक्ष्य कैसे प्राप्त कर पाते हैं या नहीं। हर व्यक्ति अलग ढंग से सोचता है। कुछ अधिक भौतिकवादी होते हैं कुछ आध्यात्मिक। लेकिन अगर आप अपने लक्ष्य हासिल कर पाते हो तो आप सफ़ल हो।
एक युवा चीनी महिला कहती हैं कि अगर घर। कार नहीं तो फिर सफ़लता कैसी? अगर आपके पास घर और कार हो तो आप सफ़ल हो।
अधेड़ उम्र के एक चीनी कहते हैं कि भौतिक सामान जीवन का आधार है, इसके बिना आप जी नहीं सकते। अगर आपके पास खाने और पहनने को पर्याप्त है तो फिर आप सम्मानपूर्ण ढंग से जी सकते हो। हालांकि बच्चों को पढ़ाते वक्त हमें आध्यात्मिक चीज़ों पर ज़्यादा ज़ोर देना चाहिए।