बिक्री की कमी से जूझ रही ऑटो इंडस्ट्री को रिवाइवल के लिए अब नई सरकार से ही उम्मीद दिख रही है।
इंडस्ट्री के अनुसार जिस तरह से लगातार वाहनों की बिक्री गिर रही है, ऐसे में अब लोकसभा चुनावों के बाद आने वाली नई सरकार ही कुछ कदम उठा सकती है।
इंडस्ट्री के अनुसार मौजूदा परिस्थितियों में वर्तमान सरकार से किसी खास तरह के कदम उठाने की संभावना कम है। नवंबर के आंकड़ों के अनुसार कारों की बिक्री में 8.15 फीसदी की कमी आई है।
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लगातार कम हो रही बिक्री की वजह से कंपनियों ने अपने उत्पादन में भी कटौती करना शुरू कर दिया है।
मंगलवार को सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्सचर्स (सिआम) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार त्योहारों का असर खत्म होने के बाद एक बार फिर से लगातार दूसरे महीने कारों की बिक्री गिरी है।
नवंबर में कारों की कुल 1,42,899 बिक्री हुई है। जबकि इसी अवधि में पिछले साल 1,55,535 कारों की बिक्री हुई थी।
सिआम के डिप्टी डायरेक्टर जनरल सुगातो सेन के अनुसार इंडस्ट्री काफी चुनौती भरे दौर से गुजर रही है। हमें इस बात का अंदाजा था कि नवंबर में बिक्री त्योहारों के बाद मांग में कमी की वजह से कम होगी।
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सेन के अनुसार मौजूदा स्थितियों में सरकार रिवाइवल के लिए बहुत खास कदम नहीं उठा सकती है।
नवंबर के महीने देश में मारुति सुजुकी इंडिया के कारों की बिक्री में 4.22 फीसदी की कमी आई है। कंपनी अभी अपनी उत्पादन क्षमता का 70 फीसदी ही इस्तेमाल कर रही है।
जिसके अगले महीने से बढ़ने की संभावना है। कंपनी ने 71,649 कारों की बिक्री की है। इसी तरह इस दौरान ह्यूंदे मोटर के कारों की बिक्री 3.66 फीसदी कम होकर 33,427 कारें रही है।
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वहीं टाटा मोटर्स के कारों की बिक्री में 41.50 फीसदी की भारी कमी आई है। कंपनी ने इस अवधि में केवल 7,910 कारों की बिक्री की है।
हालांकि नवंबर का महीना होंडा कार इंडिया के लिए अच्छा रहा है। कंपनी की सेडान अमेज की मांग से कंपनी के कारों की बिक्री नवंबर में 150 फीसदी बढ़ी है।