पिछले कई महीनों में बिक्री के मोर्चे पर मंदी का सामना कर रही ऑटो इंडस्ट्री ने रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में चौथाई फीसदी की कटौती को नाकाफी बताया है।
ऑटो इंडस्ट्री ने रिजर्व बैंक की इस घोषणा पर ठंडी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सेक्टर में मांग को फिर से बहाल करने के लिए ब्याज दरों में कम से कम 1 फीसदी की कटौती जरूरी है। रिजर्व बैंक ने मंगलवार को मध्य तिमाही मौद्रिक समीक्षा पेश करते हुए रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की घोषणा की है।
सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चर्स (सियाम) के डिप्टी डायरेक्टर जनरल सुगातो सेन का कहना है कि ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की कटौती नाकाफी है। इंडस्ट्री के मौजूदा हालात को देखते हुए दरों में कम से कम 1 फीसदी कटौती की जरूरत है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक द्वारा पिछले दो महीने में दरों में चौथाई फीसदी की कमी दो बार करना सकारात्मक संकेत है। लेकिन, इसके बावजूद ऑटो इंडस्ट्री की बिक्री में तेजी आने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
सेन ने कहा कि बिक्री की रफ्तार बहुत सुस्त है। इंडस्ट्री में हताशा की स्थिति है, ऐसे में हमें नीतिगत समर्थन की आवश्यकता है। सियाम के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में सभी श्रेणी में गाड़ियों की कुल बिक्री 5.45 फीसदी घटकर 14,51,278 रह गई।