कार कंपनी ऑडी की 21 लाख कारों में प्रदूषण स्तर छिपाने वाला वही सॉफ़्टवेयर लगा है जो उसकी मूल कंपनी फ़ॉक्सवैगन की कारों में लगा है।
अमरीका की पर्यावरण संरक्षण एजेंसी ने कुछ दिन पहले पाया था कि फ़ॉक्सवैगन की कुछ डीज़ल कारों में ऐसे सॉफ़्टवेयर लगे हैं जो वाहन की प्रदूषण जांच के दौरान उसका प्रदर्शन बदल सकते हैं।
जर्मन कंपनी फ़ॉक्सवैगन ने ग्राहकों का भरोसा तोड़ने के लिए माफ़ी मांगी थी। उस समय फ़ॉक्सवैगन ने कहा था कि उसके समूह की एक करोड़ दस लाख कारें प्रभावित हो सकती हैं।
पश्चिमी यूरोप में लाखों ऑडी
ऑडी के ये मानने के बाद कि उसकी कारों में वही सॉफ़्टवेयर लगा है जिससे प्रदूषण का स्तर छिपाया जाता है, ये भी सामने आया है कि ऐसी लाखों गाड़ियां पश्चिमी यूरोप में हैं।
पश्चिमी यूरोप में ऐसी 14.20 लाख ऑडी कारों में ईयू5 इंजन है। इनमें से 577000 कारें जर्मनी में हैं जबकि तेरह हज़ार अमरीका में हैं।
कंपनी के एक प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि प्रभावित कार मॉडलों ए1, ए3, ए4, ए6, टीटी, क्यू3 और क्यू5 हैं।
सीईओ ने पद छोड़ा
इस विवाद के बाद, फ़ॉक्सवैगन के शेयर बूरी तरह लुढ़के थे और कंपनी के सीईओ मार्टिन विंटरकन ने पद छोड़ दिया था।
कंपनी के नए प्रमुख ने पूरे मामले में जाँच का भरोसा दिया है। फ़ॉक्सवैगन कार बिक्री के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी हैं और इस विवाद से उसकी छवि पर ग़हरा असर हुआ है।
अब कंपनी पर अरबों डॉलर के जुर्माने भी लग सकते हैं।