शोरूम की कम कीमत का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि खरीदारी सस्ती पड़ेगी। एक्सचेंज के फायदे, बीमा का खर्च, फाइनेंस की शर्तें और एक्सटेंडेड वारंटी - ये सभी चीजें फाइनल बिल पर असर डाल सकती हैं। आइए जानते हैं इस फेस्टिव सीजन कार खरीदने का प्लान बनाते समय किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
धनतेरस को भारत में कोई भी बड़ी खरीदारी करने के लिए बेहद शुभ माना जाता है। ऐसे में बहुत से परिवार इस दिन अपने घर नई कार लाने का सपना देखते हैं। हालांकि, त्योहारी सीजन में डीलरशिप्स द्वारा दिए जाने वाले बंपर ऑफर्स और लोकप्रिय मॉडलों की भारी मांग को देखते हुए ग्राहकों को केवल विज्ञापित डिस्काउंट के पीछे नहीं भागना चाहिए। बल्कि एक बेहतर डील के लिए पूरी तस्वीर को समझना जरूरी है।
जानकारों की मानें तो ग्राहकों को केवल एक सिंगल डिस्काउंट के चक्कर में पड़ने के बजाय पूरी डील की वैल्यू पर ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं कि इस धनतेरस कार खरीदते वक्त किन 5 स्मार्ट तरीकों से आप अपनी बचत को बढ़ा सकते हैं।
1. मनपसंद गाड़ी पाने के लिए कार की बुकिंग कब और कैसे करनी चाहिए?
शुरुआती बुकिंग के फायदे: त्योहारी सीजन के दौरान डिमांड बढ़ने से लोकप्रिय मॉडल और उनके खास वेरिएंट्स पर लंबा वेटिंग पीरियड चल सकता है। अगर आप धनतेरस के दिन ही बुकिंग का इंतजार करेंगे, तो आपको अपनी पसंद का कलर, वेरिएंट या डिलीवरी डेट से समझौता करना पड़ सकता है।
समय का चयन: धनतेरस से 15-20 दिन पहले बुकिंग करने से आपको ऑफर्स की तुलना करने, डीलर से मोलभाव करने और अपनी पसंद का मॉडल सुरक्षित करने का पर्याप्त समय मिल जाता है। हालांकि, बुकिंग राशि देने से पहले डीलर से डिलीवरी की तारीख और ऑफर की वैधता की पुष्टि जरूर कर लें।
2. क्या केवल कैश डिस्काउंट देखकर ही फैसला करना सही है?
संपूर्ण ऑफर की तुलना करें: एक बड़ा कैश डिस्काउंट आसानी से आपका ध्यान खींच सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उससे कुल बचत सबसे ज्यादा होगी। डीलरशिप्स कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, कॉपरट बेनिफिट्स, फ्री एसेसरीज और एक्सटेंडेड वारंटी का कॉम्बो ऑफर देती हैं।
अतिरिक्त फायदे: हो सकता है कि कम कैश डिस्काउंट देने वाली डीलरशिप बेहतर एक्सचेंज बोनस या अन्य फायदों के जरिए आपको ज्यादा वैल्यू दे रही हो। इसलिए विज्ञापन में दिए गए मुख्य डिस्काउंट के बजाय पूरे पैकेज का आकलन करें।
3. एक्सचेंज बोनस और लॉयल्टी बेनिफिट्स का पूरा फायदा कैसे उठाएं?
बचत का दायरा: यदि आप अपनी पुरानी कार को एक्सचेंज या बेचने की सोच रहे हैं, तो त्योहारी सीजन में मिलने वाले अतिरिक्त फायदों की जांच जरूर करें। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ मामलों में ये कंबाइंड बेनिफिट्स 30,000 रुपये से 70,000 रुपये तक हो सकते हैं।
रीसेल वैल्यू की जांच: डीलर द्वारा दिए जाने वाले एक्सचेंज वैल्यू की तुलना बाहर की स्वतंत्र रीसेल कीमतों से जरूर कर लें। कई बार बढ़ा हुआ एक्सचेंज बोनस तब तक फायदेमंद नहीं होता, जब तक पुरानी कार की सही कीमत न लगाई गई हो।
4. अपने बजट के मुताबिक सही कार लोन कैसे चुनें?
वित्तीय तैयारी: फेस्टिव फाइनेंस स्कीम नई कार को खरीदना आसान बना सकती है। लेकिन लोन लेने से पहले ब्याज दरों, प्रोसेसिंग फीस, रीपेमेंट पीरियड और फोरक्लोजर चार्ज की तुलना विभिन्न बैंकों से कर लें।
ईएमआई और डाउन पेमेंट: कम डाउन पेमेंट से आपकी बचत आपातकालीन खर्चों के लिए बची रहती है, लेकिन ज्यादा उधार लेने से लोन अवधि के दौरान ब्याज का बोझ बढ़ जाता है। सही फाइनेंस विकल्प वही है जो घरेलू बजट पर बिना दबाव डाले आपकी मासिक किश्तों को मैनेज कर सके।
5. कार इंश्योरेंस और एक्सटेंडेड वारंटी के खर्चों को कैसे मैनेज करें?
अतिरिक्त खर्चों पर नजर: कार बीमा, एक्सटेंडेड वारंटी और वार्षिक रखरखाव अनुबंध (AMC) कार स्वामित्व के खर्च को काफी बढ़ा देते हैं। डीलरशिप्स द्वारा दिए जाने वाले बंडल पैकेजों को आंख मूंदकर स्वीकार करने के बजाय उनके प्रीमियम और कवरेज की तुलना बाजार से करें।
भविष्य की सुरक्षा: स्टैंडर्ड वारंटी खत्म होने के बाद एक्सटेंडेड वारंटी भविष्य के महंगे रिपेयर खर्चों से बचाती है। इन सभी खर्चों को खरीदारी के फैसले का हिस्सा बनाएं, न कि अंतिम भुगतान के समय इन पर विचार करें।