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Taxi: कैब राइड कैंसल करने वाले ड्राइवरों पर सख्त कार्रवाई चाहते हैं 76% लोग! सर्वे में सामने आई नाराजगी

Tue, 04 Aug 2026 02:29 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एक सर्वे के मुताबिक, एप-आधारित टैक्सी इस्तेमाल करने वाले तीन-चौथाई से ज्यादा लोग चाहते हैं कि उनकी राज्य सरकारें उन ड्राइवरों पर जुर्माना लगाने का नियम बनाएं जो राइड स्वीकार करने के बाद उसे कैंसिल कर देते हैं।
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Commuter Demanding Action Cab Cancellation - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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लाखों शहरी यात्रियों के लिए एप के जरिए कैब बुक करना, जो कभी एक बेहद आसान और सुविधाजनक अनुभव माना जाता था, अब लगातार तनाव और परेशानी का सबब बनता जा रहा है। एप-आधारित टैक्सी सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत अब आखिरी समय में होने वाली राइड कैंसिलेशन बनती जा रही है। एक नए सर्वे में सामने आया है कि अधिकांश लोग चाहते हैं कि राज्य सरकारें ऐसे ड्राइवरों के खिलाफ सख्त नियम लागू करें, जो बिना उचित कारण के राइड रद्द कर देते हैं।

एक हालिया सर्वे के अनुसार, यात्रियों की इस बढ़ती झुंझलाहट के पीछे कई कारण हैं:

  • ऐन मौके पर राइड का रद्द होना:

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    ड्राइवर बुकिंग स्वीकार करने के बाद अंतिम समय पर बिना किसी ठोस वजह के राइड कैंसिल कर देते हैं, जिससे यात्रियों को दूसरी गाड़ी मिलने तक लंबा इंतजार करना पड़ता है।

  • ऑनलाइन पेमेंट लेने से इनकार:
    कई ड्राइवर कैब में बैठने से पहले ही यह शर्त रखते हैं कि भुगतान नकद में ही होना चाहिए और डिजिटल पेमेंट लेने से मना कर देते हैं।

  • चुनिंदा लोकेशन जाने से मना करना:

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    कई ड्राइवर अपनी पसंद के गंतव्य पर न होने पर जाने से सीधा इनकार कर देते हैं।

  • ग्राहकों से खुद कैब कैंसिल करवाना:
    सर्वे में पाया गया कि कई ड्राइवर चालबाजी करते हुए यात्रियों पर खुद ही बुकिंग कैंसिल करने का दबाव बनाते हैं। इससे ड्राइवर प्लेटफॉर्म के जुर्माने से बच जाते हैं। जबकि निर्दोष ग्राहक पर पेनल्टी लग जाती है।

  • अनुचित कैंसिलेशन चार्ज:
    अक्सर गलत गलती न होने के बावजूद ग्राहकों पर ही पेनल्टी या कैंसिलेशन फीस थोप दी जाती है। 

राइड कैंसिल होने से यात्रियों की रोजमर्रा की जिंदगी पर क्या बुरा असर पड़ रहा है?

अंतिम समय में कैब कैंसिल होने का असर महज एक साधारण असुविधा तक सीमित नहीं है। बल्कि इसका यात्रियों के जीवन पर गंभीर आर्थिक और व्यावहारिक प्रभाव पड़ता है:

 

सर्वे में कैब ड्राइवरों पर भारी जुर्माने और सख्त कार्रवाई को लेकर क्या आंकड़े सामने आए हैं?

सर्वे रिपोर्ट में 22,317 लोगों ने अपनी राय दी। सर्वे में यह पूछा गया था कि क्या अन्य राज्यों को भी महाराष्ट्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की तर्ज पर कैब ड्राइवरों पर भारी जुर्माना लगाना चाहिए?


महाराष्ट्र सरकार के वर्ष 2025 के एक पिछले सर्वे के आंकड़े दिखाते हैं कि ड्राइवरों द्वारा राइड कैंसिल करने की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है:

वर्ष ड्राइवर द्वारा राइड कैंसिल झेलने वाले यूजर्स गलती न होने पर भी कैंसिलेशन चार्ज भरने वाले यूजर्स
2023 75% 23%
2025 82% 45% (लगभग दोगुना)

इसके अलावा, 2025 के आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि 74% यूजर्स के अनुसार ड्राइवरों ने जैसे ही यह जाना कि पेमेंट डिजिटल होगा या गंतव्य सुविधाजनक नहीं है, उन्होंने तुरंत राइड कैंसिल कर दी।

 

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महाराष्ट्र सरकार की 'एग्रीगेटर कैब्स पॉलिसी' क्या है और इसमें जुर्माने के क्या नियम हैं?

कैब सेवाओं को लेकर बढ़ती उपभोक्ता शिकायतों को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र एग्रीगेटर कैब्स पॉलिसी लागू की थी। इस नीति में यात्रियों के हितों की रक्षा के लिए कई कड़े नियम और जुर्माने तय किए गए हैं:

यह नीति केंद्र सरकार के 'मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस' के अनुरूप है। जो बिना कारण राइड रद्द करने पर ड्राइवरों और यात्रियों दोनों पर ही समान रूप से पेनल्टी लगाने की सिफारिश करती है।

अब यह देखना बाकी है कि देश के अन्य राज्यों की सरकारें शहरी यात्रियों के इस बढ़ते असंतोष को देखते हुए अपने-अपने राज्यों में ऐसे ही कड़े नियम लागू करती हैं या नहीं।

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