दिल्ली में कैब ड्राइवर ने 'लोकेशन' बदलकर कैसे की धोखाधड़ी?
दिल्ली के एक निवासी ने सोशल मीडिया रेडिट (Reddit) पर अपना अनुभव साझा किया है। जिसमें उन्होंने बताया कि दिल्ली एयरपोर्ट से जनकपुरी तक की यात्रा के दौरान ड्राइवर ने एप में हेरफेर की।
-
किराए में उछाल: बुकिंग के समय किराया 420 रुपये दिखाया गया था। लेकिन यात्रा के अंत में यह बढ़कर 571 रुपये हो गया।
-
लोकेशन में बदलाव: बाद में रसीद चेक करने पर पता चला कि ड्राइवर ने ड्रॉप लोकेशन 'जनकपुरी' के बजाय 'गुरुग्राम' कर दी थी, ताकि किराया बढ़ाया जा सके।
-
संदिग्ध गतिविधियां: यात्री ने नोट किया कि ड्राइवर का चेहरा प्रोफाइल पिक्चर से नहीं मिल रहा था। इसके अलावा, ड्राइवर ने एप नेविगेशन के बजाय गूगल मैप्स का इस्तेमाल किया और पिकअप से पहले अपना व्यक्तिगत नंबर मैसेज किया था।
-
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया: अन्य यूजर्स ने भी इसे एक आम स्कैम बताया। किसी ने बताया कि ड्राइवर टोल बचाने या बढ़ाने के लिए द्वारका एक्सप्रेसवे का गलत इस्तेमाल करते हैं। तो किसी ने कहा कि ओटीपी किसी दूसरे ड्राइवर को देकर एप को एयरपोर्ट के आसपास घुमाया जाता है ताकि किराया 300 रुये से 980 रुपये तक पहुंच जाए।
बंगलूरू में 15 किमी के सफर के लिए ₹1,200 क्यों देने पड़े?
बंगलूरू में भारी बारिश और ट्रैफिक जाम के बीच एक महिला को ऑटो-रिक्शा के लिए भारी-भरकम कीमत चुकानी पड़ी।
-
मामला: कंटेंट क्रिएटर सान्या सिंह ने इंस्टाग्राम पर बताया कि उनकी सहेली को महज 15 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए 1,200 रुपये देने पड़े।
-
समय और परिस्थिति: भारी बारिश के कारण 15 किमी का सफर तय करने में 3 घंटे का समय लगा। ड्राइवर उसे बीच रास्ते में न छोड़ दे, इसलिए उसे इतनी बड़ी राशि देनी पड़ी।
-
टिक-टिक करता ट्रैफिक: सान्या ने कहा कि बंगलूरू की बारिश अब रोमांटिक नहीं रही, क्योंकि यहां संगीत के बजाय हॉर्न का शोर सुनाई देता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शहर में कैब मिलना कॉलेज एडमिशन मिलने से भी ज्यादा मुश्किल हो गया है।
सर्ज प्राइसिंग और ड्राइवरों की मनमानी का क्या कारण है?
दोनों शहरों के मामलों में कुछ सामान्य कारण और जनता की परेशानियां सामने आईं:
-
मांग और आपूर्ति का अंतर: जब भारी बारिश या पीक ऑवर्स में ड्राइवरों की तुलना में बुकिंग अनुरोध बढ़ जाते हैं, तो 'सर्ज प्राइसिंग' लागू होती है।
-
ट्रैफिक का प्रभाव: ड्राइवरों का मानना है कि बंगलूरू जैसे शहरों में ट्रैफिक के कारण समय बहुत बर्बाद होता है, इसलिए वे ज्यादा पैसे मांगते हैं।
-
मजबूरी का फायदा: सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों की कमी के कारण यात्रियों के पास ड्राइवरों की शर्तें मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
इस धोखाधड़ी से बचने के लिए यात्रियों को क्या सलाह दी गई है?
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अनुभवी यूजर्स ने कुछ सुरक्षा टिप्स साझा किए हैं:
-
स्क्रीनशॉट लें: यात्रा शुरू होते ही एप में दिखाए जा रहे किराए का स्क्रीनशॉट जरूर लें।
-
रिपोर्ट करें: यदि ड्रॉप लोकेशन गलत दिखाई दे या किराया अचानक बढ़ जाए, तो एप के 'Help' (हेल्प) सेक्शन में जाकर 'Fare higher than shown' (दर्शाए गए से ज्यादा किराया) विकल्प के तहत शिकायत दर्ज करें।
-
अलर्ट रहें: यदि ड्राइवर का चेहरा एप से नहीं मिल रहा या वह एप नेविगेशन का उपयोग नहीं कर रहा, तो तुरंत सावधान हो जाएं।
दिल्ली के यात्री ने फिलहाल इस मामले की रिपोर्ट उबर (Uber) को कर दी है। और रिफंड के साथ-साथ ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।