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अमेरिकी सैन्य सूची में आया BYD का नाम: चीनी सेना से सांठ-गांठ के आरोप, क्या भारत में बिक्री पर पड़ेगा कोई असर?

Wed, 10 Jun 2026 01:36 PM IST
Suyash Pandey ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

BYD Chinese Military Links: अमेरिका ने दिग्गज इलेक्ट्रिक वाहम निर्माता कंपनी BYD को चीनी सेना से संबंध होने के आरोप में अपनी एक विशेष निगरानी सूची में डाल दिया है। इस बड़े फैसले से वैश्विक ऑटोमोबाइल बाजार में हलचल मच गई है। इस लेख में जानिए कि आखिर अमेरिका ने यह कदम क्यों उठाया, BYD ने अपनी सफाई में क्या कहा है और सबसे अहम- क्या इस विवाद का असर भारत में बिकने वाली BYD की कारों पर पड़ेगा?
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चीन की ईवी कंपनी बीवाईडी (BYD) - फोटो : एआई
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विस्तार
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दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) कंपनियों में से एक BYD (बीवाईडी) एक बार फिर विवादों में है। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने अपनी एक नई लिस्ट जारी की है। इसमें BYD को उन चीनी कंपनियों में शामिल किया गया है जिनके तार चीन की सेना से जुड़े होने का आरोप है। इस खबर के बाद ऑटोमोबाइल जगत में हलचल तेज हो गई है। आइए समझते हैं कि पूरा मामला क्या है और क्या इसका असर भारत में BYD की कारों पर पड़ेगा।

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अमेरिका ने BYD पर क्या आरोप लगाया है?

अमेरिका ने अपनी 'सेक्शन 1260H' नाम की एक लिस्ट को अपडेट किया है। इस लिस्ट में अब 188 चीनी कंपनियों के नाम हैं, जिसमें BYD के साथ-साथ कार कंपनी Nio (नियो) और दिग्गज टेक कंपनियां Alibaba और Baidu भी शामिल हैं। हालांकि इस लिस्ट में आने का मतलब यह नहीं है कि कंपनी पर तुरंत कोई प्रतिबंध लग गया है।

यह अमेरिकी कंपनियों और सरकारी एजेंसियों के लिए एक तरह की चेतावनी है। अमेरिकी कानून के मुताबिक, वहां का रक्षा मंत्रालय अब BYD के साथ सीधे कोई बिजनेस या करार नहीं कर पाएगा। अमेरिका ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि वह चीनी टेक्नोलॉजी पर अपनी निर्भरता को कम कर सके।

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BYD कंपनी का क्या कहना है?

BYD ने अमेरिकी सरकार के इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "हम कोई सैन्य कंपनी नहीं हैं। अमेरिका का यह फैसला तथ्यों से बिल्कुल अलग और गलत है। हम इसके खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक रास्ते अपनाएंगे। हमारा पूरा फोकस सिर्फ आम नागरिकों के इस्तेमाल वाली इलेक्ट्रिक कारों, बैटरी और रिन्यूएबल एनर्जी को बनाने पर है।"


क्या भारत में BYD के बिजनेस पर कोई असर पड़ेगा?

सीधे शब्दों में कहें तो अमेरिका के इस फैसले का भारत में BYD के मौजूदा कारोबार पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। लेकिन समय के लिहाज से यह खबर काफी अहम है। भारत सरकार पहले से ही चीन की कंपनियों के निवेश को लेकर काफी सख्त और सतर्क रही है।
 

भारत में BYD की बड़ी फैक्ट्री लगाने की योजना पहले ही हो चुकी है खारिज

साल 2023 में BYD ने हैदराबाद की एक कंपनी (MEIL) के साथ मिलकर भारत में करीब 1 बिलियन डॉलर (लगभग 8,300 करोड़ रुपये) का निवेश करने का प्रस्ताव रखा था। कंपनी यहां बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और बैटरी प्लांट लगाना चाहती थी। लेकिन भारत सरकार ने सुरक्षा कारणों और सीमावर्ती देशों से जुड़े कड़े नियमों का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया था।


भारत में अभी कौन सी कारें बेचती है BYD?

भले ही कंपनी को बड़ी फैक्ट्री लगाने की मंजूरी नहीं मिली है, लेकिन वह भारत में अपनी कारें बेचना जारी रखे हुए है। कंपनी भारत में गाड़ियों के पार्ट्स मंगाकर उन्हें स्थानीय स्तर पर असेंबल करती है। फिलहाल भारत में BYD की ये गाड़ियां बिकती हैं:

  • BYD Atto 3 (इलेक्ट्रिक एसयूवी)
  • BYD Seal (प्रीमियम इलेक्ट्रिक सेडान)
  • BYD eMAX 7 (इलेक्ट्रिक MPV)
  • BYD Sealion 7 (हाल ही में लॉन्च हुई एसयूवी)

इसके अलावा कंपनी ने भारत में अपनी एडवांस DM-i प्लग-इन हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को भी पेश किया है।

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