Used car buying tips: अक्सर लोग चमचमाती हुई गाड़ी खरीद तो लेते हैं, लेकिन बाद में कुछ छोटी दिखने वाली समस्याएं हजारों नहीं, बल्कि लाखों रुपये तक का खर्च करा सकती हैं। इंजन लीकेज, जंग, सस्पेंशन की खराबी और दुर्घटना के निशान जैसी चीजों की जांच खरीदने से पहले करना बेहद जरूरी है। खास तौर पर कार को हाइड्रोलिक लिफ्ट पर उठाकर देखने से नीचे छिपी कई कमियां आसानी से सामने आ जाती हैं। आज के समय में यूज्ड कारों की मांग बढ़ने के साथ खरीदारों के लिए सतर्क रहना और सही तरीके से कार की जांच कराना और भी जरूरी हो गया है।
सिर्फ बाहर से देखकर कार खरीदना पड़ सकता है महंगा
- हो सकता है कि कार की चमकदार बॉडी और साफ इंटीरियर आपको आकर्षित करें, लेकिन यह आपके लिए नुकसान दायक साबित हो सकता है। कार बेचने वाला भी अक्सर यही चाहता है कि खरीदार की नजर सिर्फ गाड़ी के बाहरी हिस्से तक सीमित रहे।
- लेकिन कार की वास्तविक स्थिति समझने के लिए इंटीरियर, इंजन और अंडरबॉडी की जांच जरूरी है। बिना पूरी जांच के सौदा करना आगे चलकर महंगा पड़ सकता है। कार को हाइड्रोलिक लिफ्ट पर उठाकर देखने से लीकेज, जंग, सस्पेंशन की स्थिति और दुर्घटना के निशान ज्यादा साफ दिखाई देते हैं।
तेल और पानी की लीकेज
- इन सबसे जरूरी जांचों में लीकेज भी शामिल है। इंजन, गियरबॉक्स, कूलेंट सिस्टम, पावर स्टीयरिंग और ब्रेक सिस्टम से किसी भी तरह का तेल या पानी रिसना खतरे की घंटी हो सकता है।
- कार को लिफ्ट पर उठाने के बाद नीचे टपकने वाले निशान आसानी से दिखाई दे सकते हैं। कई बार छोटी लीकेज शुरुआत में बड़ी समस्या नहीं लगती, लेकिन समय के साथ यह गंभीर नुकसान और महंगी मरम्मत का कारण बन सकती है। इसलिए खरीद से पहले इन सभी हिस्सों को ध्यान से देखना जरूरी है।
जंग और चेसिस की मजबूती
- देखिए अंडरबॉडी पर लगी जंग सिर्फ गाड़ी के लुक को खराब नहीं करती, बल्कि लंबे समय में चेसिस की मजबूती को भी प्रभावित कर सकती है। लंबे समय तक नमी, पानी या खराब सड़कों पर चलने से अंडरबॉडी में जंग की समस्या बढ़ सकती है।
- लिफ्ट पर कार उठाने के बाद चेसिस और निचले हिस्से को ज्यादा आसानी से देखा जा सकता है। अगर कहीं जंग के साफ धब्बे, गहरी जंग या गड्ढे दिखाई दें, तो यह भविष्य में बड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है। गाड़ी की मजबूती और सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण इस जांच को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सस्पेंशन सिस्टम की जांच
- सस्पेंशन न केवल कार की राइड क्वालिटी, बल्कि उसकी सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। खराब सस्पेंशन से सफर असुविधाजनक हो सकता है और टायर-व्हील पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। घिसे हुए, टूटे हुए या खराब पार्ट्स की पहचान इस दौरान की जा सकती है।
- इसलिए खराब सस्पेंशन को नजरअंदाज करने से बाद में मरम्मत का खर्च बढ़ सकता है। यही वजह है कि खरीद से पहले इसकी अच्छी तरह जांच कराना जरूरी है।
निशानों को पहचानना जरूरी
- किसी कार का एक्सीडेंट हुआ है या नहीं, यह हमेशा सिर्फ बॉडी देखकर पता नहीं चलता। कई बार बड़े टक्कर के निशान अंडरबॉडी और चेसिस में छिपे रह सकते हैं। ध्यान से देखने पर वेल्डिंग के निशान या असमान सतह जैसी चीजें दिखाई दे सकती हैं। ये दुर्घटना का संकेत हो सकती हैं।
- ऐसी कार खरीदना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि बड़े हादसे के बाद गाड़ी की स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ प्रभावित हो सकती है। इसलिए निचले हिस्से की जांच करके ऐसे संकेतों को पहचानना जरूरी है।
प्रोफेशनल वर्कशॉप और मैकेनिक की मदद लें
- घर या डीलरशिप पर की गई सामान्य जांच हमेशा पर्याप्त नहीं होती। सेकंड हैंड कार खरीदने से पहले किसी विश्वसनीय और अनुभवी वर्कशॉप में कार की पूरी जांच कराना ज्यादा बेहतर है।
- कार को हाइड्रोलिक लिफ्ट पर उठाकर अनुभवी मैकेनिक अंडरबॉडी, लीकेज, जंग, सस्पेंशन और दुर्घटना से जुड़े छोटे-छोटे निशानों को भी पहचान सकते हैं।
- इस जांच में थोड़ी अतिरिक्त लागत जरूर आ सकती है, लेकिन यह खर्च आगे होने वाली बड़ी मरम्मत से बचा सकता है। सही समय पर प्रोफेशनल जांच कराने से बार-बार वर्कशॉप जाने और अनचाहे खर्च का जोखिम भी कम किया जा सकता है।
अंडरबॉडी की जांच क्यों है इतनी जरूरी?
- एक्सपर्ट्स कहते हैं कि पुरानी कार में कई ऐसी समस्याएं होती हैं, जो ऊपर से बिल्कुल दिखाई नहीं देतीं। बाहर से कार अच्छी हालत में नजर आ सकती है, लेकिन नीचे लीकेज, जंग, घिसे हुए सस्पेंशन पार्ट्स या दुर्घटना के निशान छिपे हो सकते हैं।
- यही वजह है कि कार खरीदने से पहले अंडरबॉडी की जांच को सिर्फ अतिरिक्त सावधानी नहीं, बल्कि जरूरी निरीक्षण मानना चाहिए। कुछ मिनट की सही जांच बाद में होने वाले बड़े खर्च से बचा सकती है।