अगर आप रोजाना बाइक या स्कूटर से दफ्तर जाते हैं या शहर में सफर करते हैं, तो सही इंश्योरेंस चुनना जरूरी है। सिर्फ कम प्रीमियम देखकर पॉलिसी खरीदना बाद में महंगा पड़ सकता है। दुर्घटना, चोरी या बाइक को बड़ा नुकसान होने पर आपकी जेब से काफी पैसा खर्च हो सकता है। ऐसे में बीमा लेते समय आईडीवी, जीरो डेप्रिसिएशन, इंजन प्रोटेक्शन और नो क्लेम बोनस जैसे फीचर्स को समझना जरूरी है। आइए जानते हैं कि कौन-सा टू-व्हीलर इंश्योरेंस आपके लिए सही हो सकता है और पॉलिसी खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
ये एड-ऑन कवर भी आ सकते हैं काम
कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी के साथ कुछ अतिरिक्त कवर यानी एड-ऑन लिए जा सकते हैं। इनके लिए अलग प्रीमियम देना पड़ सकता है। अपनी बाइक और जरूरत के हिसाब से इन पर विचार करें।
जीरो डेप्रिसिएशन कवर
क्लेम के दौरान बाइक के प्लास्टिक, रबर और फाइबर जैसे पार्ट्स की घिसावट की वजह होने वाली कटौती को कम करने में यह कवर मदद करता है। इससे पात्र क्लेम में ज्यादा रकम मिल सकती है। नई बाइक के लिए यह खास तौर पर उपयोगी हो सकता है। इसका लाभ पॉलिसी की शर्तों और लागू सीमाओं पर निर्भर करता है।
रोडसाइड असिस्टेंस
रास्ते में बाइक खराब हो जाए, टायर पंचर हो जाए या पेट्रोल खत्म हो जाए, तो रोडसाइड असिस्टेंस के तहत मदद मिल सकती है। इससे सफर के दौरान अचानक परेशानी आने पर सहायता पाने में आसानी होती है।
इंजन प्रोटेक्शन
जलभराव या इंजन में पानी घुसने से होने वाले नुकसान की स्थिति में यह एड-ऑन उपयोगी हो सकता है। हालांकि, किस तरह का नुकसान कवर होगा, यह पॉलिसी की शर्तों पर निर्भर करता है।
रिटर्न टू इनवॉइस
बाइक चोरी होने या पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में यह कवर मददगार हो सकता है। इसकी शर्तों के मुताबिक भुगतान बाइक की मूल इनवॉइस कीमत के आधार पर किया जा सकता है। यह जरूरी नहीं कि हर स्थिति में सभी ऑन-रोड खर्चों की पूरी रकम मिले, इसलिए कवर की सीमा पहले समझ लें।
क्लेम सेटलमेंट और कैशलेस गैरेज की जांच करें
इंश्योरेंस कंपनी चुनते समय सिर्फ प्रीमियम की तुलना करना काफी नहीं है। कंपनी की क्लेम प्रक्रिया और मरम्मत की सुविधा भी देखनी चाहिए।
नो क्लेम बोनस से प्रीमियम में बचत
ऑनलाइन तुलना करें, फिर खरीदें पॉलिसी
बाइक इंश्योरेंस लेते समय किन बातों का रखें ध्यान