दिवाली का त्योहार आते ही कार और बाइक खरीदने की तैयारी तेज हो जाती है। इस मौके पर अधिकतर लोग नई गाड़ियां खरीदते हैं और ऑटो कंपनियां भी ग्राहकों को लुभाने के लिए कई तरह के डिस्काउंट और फेस्टिव ऑफर देती हैं। कहीं कैश डिस्काउंट मिल रहा है तो कहीं एक्सचेंज बोनस और दूसरे फायदे दिए जा रहे हैं। ऐसे में नई गाड़ी खरीदने का यह अच्छा मौका हो सकता है, लेकिन सिर्फ बड़ी छूट देखकर फैसला करना ग्राहकों के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है। कई बार इंश्योरेंस, एक्सेसरीज, लोन और दूसरे चार्ज के नाम पर अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ते हैं। इसलिए दिवाली पर कार या बाइक खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। इससे आप सही डील चुन सकेंगे और बेवजह के खर्च से भी बच सकते हैं।
एक ही गाड़ी की कीमत तीन डीलरशिप पर करें चेक
- नई कार या बाइक खरीदने से पहले एक ही मॉडल और वैरिएंट की कीमत कम से कम तीन अलग-अलग डीलरशिप से जरूर पूछें। साथ ही हर डीलर से लिखित में ऑन-रोड कीमत मांगें। इसमें एक्स-शोरूम कीमत, रजिस्ट्रेशन चार्ज, इंश्योरेंस और दूसरे सभी खर्च शामिल होने चाहिए।
- सिर्फ यह न देखें कि कौन-सी डीलरशिप सबसे ज्यादा डिस्काउंट दे रही है। यह भी चेक करें कि कहीं ज्यादा छूट देने के नाम पर दूसरे चार्ज तो नहीं बढ़ाए जा रहे हैं। सभी डीलरशिप की कीमत और ऑफर की तुलना करने के बाद ही फैसला लें।
इंश्योरेंस और लोन चुनने से पहले करें तुलना
- दूसरे नंबर पर गाड़ी खरीदते समय इंश्योरेंस और लोन पर भी ध्यान देना जरूरी है। डीलरशिप से ही इंश्योरेंस खरीदना अनिवार्य नहीं है। आप अपनी पसंद की किसी भी इंश्योरेंस कंपनी से पॉलिसी ले सकते हैं।
- इसके लिए अलग-अलग कंपनियों के प्रीमियम और पॉलिसी में मिलने वाली सुविधाओं की तुलना करें। फेस्टिव सीजन में कई कंपनियां इंश्योरेंस पर डिस्काउंट भी देती हैं। ऐसे में सिर्फ कम प्रीमियम देखकर पॉलिसी न चुनें, उसमें मिलने वाले कवर और सुविधाएं भी समझें।
- वहीं, अगर आप बैंक से लोन लेकर गाड़ी खरीद रहे हैं, तो अलग-अलग बैंकों की ब्याज दर और प्रोसेसिंग फीस की तुलना करें। यह भी देखें कि पूरी अवधि में आपको कुल कितनी रकम चुकानी होगी। सिर्फ कम ईएमआई देखकर लोन फाइनल न करें।
एक्सेसरीज के नाम पर न बढ़ाएं बजट
- कई डीलरशिप नई गाड़ी के साथ एक्सेसरीज का पैकेज लेने का विकल्प देती हैं। इसमें सीट कवर, फ्लोर मैट, मड फ्लैप और डोर वाइजर जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं। इन पैकेज की वजह से गाड़ी की कीमत में 20 से 35 हजार रुपये या इससे ज्यादा का खर्च जुड़ सकता है।
- ऐसे में पैकेज लेने से पहले हर एक्सेसरी की अलग-अलग कीमत पूछें। जो सामान आपके लिए जरूरी नहीं है, उसे खरीदने से मना कर दें। इससे आप हजारों रुपये बचा सकते हैं। याद रखें कि डीलरशिप की ओर से सुझाई गई हर एक्सेसरी खरीदना जरूरी नहीं है।
गाड़ी की डिलीवरी से पहले इन चीजों को परखें
- नई गाड़ी की डिलीवरी लेते समय जल्दबाजी बिल्कुल न करें। गाड़ी को दिन की रोशनी में अच्छी तरह देखें, ताकि बॉडी पर मौजूद स्क्रैच, डेंट या पेंट की खराबी आसानी से दिखाई दे सके। टायर और शीशों की स्थिति भी जांचें।
- इसके अलावा ओडोमीटर की रीडिंग देखें और हेडलाइट, इंडिकेटर, म्यूजिक सिस्टम समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स को चलाकर जांचें। गाड़ी की मैन्युफैक्चरिंग डेट और टायर की मैन्युफैक्चरिंग डेट भी जरूर चेक करें।
- डिलीवरी से पहले यह जांच इसलिए जरूरी है, ताकि गाड़ी में कोई कमी होने पर उसे उसी समय डीलरशिप के सामने उठाया जा सके।
शोरूम से निकलने से पहले ये दस्तावेज लें
- गाड़ी की डिलीवरी लेते समय उससे जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज अपने पास जरूर रखें। इनमें इनवॉइस, इंश्योरेंस पॉलिसी, ओनर मैनुअल और वारंटी से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।
- इसके अलावा डीलरशिप ने जिन एक्सेसरीज और फीचर्स का वादा किया है, उनका जिक्र बिल या डिलीवरी चेकलिस्ट में है या नहीं, यह भी जांच लें। हर चीज की पुष्टि करने के बाद ही डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी करें।
- फेस्टिव सीजन में डीलरशिप पर भीड़ हो सकती है और जल्दी गाड़ी देने का दबाव भी रहता है, लेकिन इस वजह से जांच और दस्तावेजों से जुड़ी औपचारिकताएं न छोड़ें। बाद में सर्विसिंग या वारंटी से जुड़ी परेशानी होने पर जरूरी दस्तावेज काम आते हैं।
दिवाली पर गाड़ी खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
दिवाली पर कार या बाइक खरीदना आपके लिए अच्छा मौका हो सकता है, लेकिन सही फैसला लेने के लिए सिर्फ डिस्काउंट पर निर्भर न रहें। तीन डीलरशिप से कीमत की तुलना करें, इंश्योरेंस और लोन की शर्तें समझें, गैरजरूरी एक्सेसरीज से बचें और डिलीवरी से पहले गाड़ी की पूरी जांच करें। इन छोटी-छोटी सावधानियों से आप अनावश्यक खर्च और बाद की परेशानियों से बच सकते हैं।