Bike vs Scooter Which Is A Better Daily Office Commuter: ऑफिस आने-जाने के लिए बाइक खरीदें या स्कूटर? अगर आप नया टू-व्हीलर लेने की सोच रहे हैं, तो माइलेज, कंफर्ट, मेंटेनेंस, स्टोरेज और रोजाना की जरूरतों के हिसाब से सही विकल्प चुनना जरूरी है। इस रिपोर्ट में जानिए बाइक और स्कूटर के फायदे-नुकसान, ताकि आप अपनी जरूरत और बजट के अनुसार सही फैसला ले सकें।
ऑफिस जाने के लिए बाइक खरीदें या स्कूटर? यह सवाल नया टू-व्हीलर खरीदने वाले लगभग हर इंसान के मन में आता है। एक तरफ बाइक है जो बेहतरीन माइलेज देती है, तो दूसरी तरफ स्कूटर है जो भारी ट्रैफिक में भी आपको बिना थकाए ऑफिस पहुंचाता है। अगर आप भी इस उलझन में हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है। आइए 4 अहम पॉइंट से समझते हैं कि आपकी जरूरत के हिसाब से कौन सा विकल्प सबसे बेस्ट रहेगा:
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पेट्रोल का खर्च
अगर आपका ऑफिस घर से 20 से 30 किलोमीटर या उससे ज्यादा दूर है और आप पेट्रोल का खर्च बचाना चाहते हैं, तो बाइक आपके लिए बनी है।
बाइक का माइलेज: 100cc से 125cc की बाइक्स आराम से 65 से 80 किमी/लीटर का माइलेज दे देती हैं।
स्कूटर का माइलेज: वहीं, गियरलेस होने की वजह से स्कूटर आमतौर पर 45 से 55 किमी/लीटर का ही माइलेज देते हैं।
आराम और ट्रैफिक में ड्राइविंग
शहर के उस बम्पर-टू-बम्पर ट्रैफिक को याद कीजिए जहाँ बार-बार क्लच और गियर बदलना पड़ता है।
स्कूटर का फायदा: भीड़-भाड़ वाले ट्रैफिक में स्कूटर का कोई मुकाबला नहीं है। इसमें गियर बदलने का झंझट नहीं होता, जिससे आपके हाथों और पैरों में दर्द नहीं होता।
बाइक का फायदा: बाइक में ट्रैफिक के दौरान थोड़ी थकान हो सकती है। लेकिन, अगर आपके रास्ते में गड्ढे या खराब सड़कें ज्यादा हैं, तो बाइक के बड़े टायर आपको झटकों से बचाते हैं और बेहतर बैलेंस देते हैं।
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सामान रखने की जगह
डेली ऑफिस जाने का मतलब है लैपटॉप बैग, टिफिन बॉक्स, पानी की बोतल और बरसात में रेनकोट साथ ले जाना।
इस मामले में स्कूटर विनर है: स्कूटर में आपको सीट के नीचे और आगे पैरों के पास अच्छा-खासा स्पेस मिल जाता है।
बाइक में दिक्कत: बाइक में आपको सामान टांगने या रखने के लिए अलग से साइड बॉक्स लगवाना पड़ता है, जो कई बार गाड़ी का लुक खराब कर देता है।
सर्विसिंग और रीसेल वैल्यू
मेंटेनेंस: बाइक और स्कूटर दोनों की रेगुलर सर्विसिंग का खर्च लगभग बराबर ही आता है। हालांकि, स्कूटर की बॉडी में फाइबर का इस्तेमाल ज्यादा होता है, इसलिए किसी छोटे-मोटे एक्सीडेंट में टूट-फूट होने पर स्कूटर को ठीक कराने का खर्च बाइक से थोड़ा ज्यादा आ सकता है।
रीसेल वैल्यू: दोनों की ही सेकंड-हैंड मार्केट में अच्छी डिमांड है, लेकिन मशहूर स्कूटर्स की रीसेल वैल्यू मार्केट में हमेशा शानदार बनी रहती है।
आपके लिए क्या है सही?
बाइक तब खरीदें: जब आपका ऑफिस दूर हो, रास्ता खराब हो और आपकी पहली पसंद पेट्रोल के पैसे बचाना हो।
स्कूटर तब खरीदें: जब आपको शहर के भारी ट्रैफिक से गुजरना हो, सामान रखने की जगह चाहिए हो और आप एक आरामदायक टेंशन-फ्री राइड चाहते हों।