कंपनी इस प्रोग्राम के जरिए ADAS को कैसे बेहतर बना रही है?
बीएमडब्ल्यू का मानना है कि केवल सिमुलेशन या लैब टेस्ट के भरोसे ADAS को पूरी तरह से सटीक नहीं बनाया जा सकता।
- वास्तविक घटनाओं से सीख: इस डेटा कलेक्शन का मुख्य उद्देश्य ADAS सॉफ्टवेयर को केवल वर्चुअल सिमुलेशन के बजाय सड़कों पर घटने वाली वास्तविक 'नियर-मिस' (दुर्घटना से बाल-बाल बचने वाली) घटनाओं के आधार पर ट्रेन करना है।
- मशीन लर्निंग और ओटीए अपडेट: गाड़ियों से रिकॉर्ड की गई हर वीडियो क्लिप मशीन-लर्निंग मॉडल्स के जरिए प्रोसेस की जाती है। जो ADAS और सेमी-ऑटोनॉमस सॉफ्टवेयर को और बेहतर बनाती हैं। एल्गोरिदम में सुधार होने के बाद, बीएमडब्ल्यू ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट के जरिए कार में नया सॉफ्टवेयर भेज देती है। जिससे ग्राहकों को डीलरशिप पर भी नहीं जाना पड़ता।
सड़क चालकों की प्राइवेसी और गोपनीयता की सुरक्षा कैसे की जाती है?
बीएमडब्ल्यू ने प्राइवेसी (निजता) और डेटा सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए हैं:
- फेस और नंबर प्लेट ब्लरिंग: फुटेज को कंपनी के सर्वर पर भेजने से पहले ही गाड़ी के भीतर ही अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं के चेहरों और गाड़ियों की लाइसेंस प्लेटों को धुंधला कर दिया जाता है।
- डेटा से पहचान हटाना: वीडियो फुटेज वाहन निर्माता के सिस्टम तक पहुंचने के बाद, बहुत कम समय के भीतर व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर (VIN) को डिलीट कर दिया जाता है। और डेटा को पूरी तरह से अनाम (बिना पहचान वाला) बना दिया जाता है।