माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स ने हाल ही में इस बात को कबूल किया है कि उन्हें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी छोड़ने का अफसोस है। 1975 में पढ़ाई बीच में छोड़ने और माइक्रोसॉफ्ट के पहले सीईओ बनने के फैसले को लेकर उन्होंने अपनी किताब Source Code में खुलकर चर्चा की है। हालांकि, इस फैसले ने दुनिया को माइक्रोसॉफ्ट जैसा बड़ा टेक ब्रांड दिया, लेकिन गेट्स के मन में हमेशा हार्वर्ड लौटने की इच्छा बनी रही।
हार्वर्ड में बिताए दिनों की याद
Bill Gates
- फोटो : Bill Gates/Instagram
सीएनबीसी Make It को दिए इंटरव्यू में गेट्स ने कहा, "मुझे हार्वर्ड में पढ़ाई का बहुत मजा आता था। मैं कई विषयों की क्लासेस में बैठता था, भले ही वे मेरे कोर्स का हिस्सा न हों। साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स, हिस्ट्री जैसी चीजों को पढ़ने में दिलचस्पी थी। सबसे खास बात थी कि वहां बहुत ही होशियार लोग थे, जिनके साथ देर रात तक रोचक चर्चा चलती थी।"
हाई स्कूल में ही दिख गई थी माइक्रोसॉफ्ट की राह
Microsoft
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बिल गेट्स के दिमाग में कंप्यूटर की दुनिया बदलने का सपना हाई स्कूल से ही था। उन्हें तब समझ में आ गया था कि भविष्य में माइक्रोप्रोसेसर वाले कंप्यूटर छोटे, सस्ते और पोर्टेबल हो जाएंगे। 1974 की क्रिसमस ब्रेक के दौरान उनके कॉलेज दोस्त और माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर पॉल एलन ने यह तय कर लिया था कि वे Altair कंप्यूटर के लिए ऐसा सॉफ्टवेयर बनाएंगे, जिससे हॉबीस्ट्स खुद अपने प्रोग्राम डेवलप कर सकें। यही वह फैसला था जिसने गेट्स और एलन को कॉलेज छोड़ने और माइक्रोसॉफ्ट बनाने की ओर धकेल दिया।
हार्वर्ड छोड़ने का कठिन फैसला
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गेट्स ने हार्वर्ड छोड़ने से पहले दो साल तक पढ़ाई और माइक्रोसॉफ्ट को साथ-साथ संभालने की कोशिश की। उन्होंने कंपनी की जिम्मेदारी अपने साथी प्रोग्रामर रिक वीलैंड को सौंपने की भी कोशिश की, लेकिन जब उन्होंने ग्रेजुएट स्कूल जाने का फैसला कर लिया, तो गेट्स को समझ आ गया कि अब माइक्रोसॉफ्ट पर पूरा ध्यान देना होगा। इसके बाद उन्होंने हार्वर्ड को अलविदा कह दिया और अपना पूरा फोकस माइक्रोसॉफ्ट को एक बड़ी कंपनी बनाने में लगा दिया।
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आज माइक्रोसॉफ्ट एक मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी बन चुकी है, जिसने दुनिया में कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री को पूरी तरह बदल दिया। हालांकि, गेट्स के हार्वर्ड छोड़ने पर उनके प्रोफेसर हैरी लुईस को भी कुछ पछतावा है। उन्होंने कहा, "मुझे इस बात की हैरानी नहीं हुई जब गेट्स ने हार्वर्ड छोड़ा, लेकिन काश मैंने उन पर निवेश किया होता।"