सरकार का रुख अभी स्पष्ट नहीं
इस बीच, परिवहन विभाग की ओर से कोई ठोस फैसला सामने नहीं आया है। विभाग फिलहाल समय लेता हुआ नजर आ रहा है और यह साफ नहीं है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी या फिर बाइक-टैक्सी संचालन के लिए नए नियम बनाएगी।
विधानसभा सत्र के बाद होगा फैसला: परिवहन मंत्री
परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि ऑटो चालक यूनियनों का ज्ञापन प्राप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक विधानसभा सत्र के बाद महाधिवक्ता की राय ली जाएगी और फिर मुख्यमंत्री के साथ इस मुद्दे पर चर्चा होगी। इसके बाद ही यह तय किया जाएगा कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी या कोई वैकल्पिक कदम उठाया जाएगा।
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बाइक-टैक्सी को लेकर कर्नाटक में कानूनी और नीतिगत खींचतान तेज होती जा रही है। एक तरफ हाईकोर्ट का आदेश है, तो दूसरी ओर पारंपरिक परिवहन से जुड़े चालकों की आजीविका और सुरक्षा को लेकर चिंता। आने वाले दिनों में सरकार का फैसला यह तय करेगा कि राज्य में बाइक-टैक्सी का भविष्य किस दिशा में जाएगा।