प्राइवेट कैब कंपनियों से भारत टैक्सी कैसे अलग है?
अमित शाह ने कहा कि प्राइवेट कंपनियों में मुनाफा मालिकों के पास चला जाता है, जबकि अमूल में 85 प्रतिशत मुनाफा सीधे उत्पादक को मिलता है।
उन्होंने कहा कि "भारत टैक्सी भी मोबिलिटी सेक्टर में वही काम करेगी, जो अमूल ने डेयरी सेक्टर में किया।"
क्या ड्राइवरों को बोर्ड में भी प्रतिनिधित्व मिलेगा?
हां। शाह ने बताया कि जैसे-जैसे भारत टैक्सी की सदस्य संख्या बढ़ेगी। ड्राइवर प्रतिनिधियों के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में सीटें आरक्षित की जाएंगी।
उन्होंने कहा, "अगर बोर्ड कोई ऐसा फैसला लेता है जो ड्राइवरों के खिलाफ है, तो आपका प्रतिनिधि खड़ा होकर पूछेगा- आप हमारी कंपनी के साथ ऐसा कैसे कर सकते हैं?"
ड्राइवरों को मुनाफे में कितना हिस्सा मिलेगा?
अमित शाह ने भरोसा दिलाया कि भारत टैक्सी
उन्होंने मौजूदा राइड-हेलिंग कंपनियों पर निशाना साधते हुए कहा कि, वे मुनाफा बढ़ाने के लिए ड्राइवरों के लिए कोई न्यूनतम दर तय नहीं करतीं।
भारत टैक्सी के मॉडल के तहत-
भारत टैक्सी अभी कहां काम कर रही है और आगे की योजना क्या है?
अमित शाह के अनुसार, भारत टैक्सी फिलहाल
में परिचालन में है।
सरकार की योजना है कि-
भारत टैक्सी का मूल विचार क्या है?
केंद्रीय गृह मंत्री के मुताबिक, इस मॉडल का मूल मंत्र बेहद सरल है-
500 रुपये का निवेश, सह-मालिकाना हक और मुनाफे में हिस्सेदारी।
यानी ड्राइवर अब सिर्फ एप के लिए काम नहीं करेंगे।
बल्कि अपनी खुद की कंपनी के मालिक बनकर कमाई करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे अमूल के सदस्य करते हैं।