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भारत टैक्सी का बढ़ा दायरा: 35 लाख यूजर्स और 6 लाख चालकों से जुड़ा प्लेटफॉर्म, जानें कैसे काम करता है यह मॉडल

Thu, 28 May 2026 03:09 PM IST
Jagriti ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Bharat Taxi Mobility Cooperative: देश के मोबिलिटी सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जीरो-कमिशन मॉडल पर काम करने वाली भारत टैक्सी ने अब पूरे भारत में करीब 35 लाख से ज्यादा यूजर्स और 6 लाख से अधिक ड्राइवर्स के साथ अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। कंपनी का दावा है कि इससे चालकों की कमाई भी बढ़ी है और यात्रियों को सस्ता किराया मिल रहा है। जानिए इसके बारे में विस्तार से...
 
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भारत टैक्सी का बढ़ा विस्तार (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
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Zero Commission Taxi App: भारत में कैब और ऑटो सर्विस सेक्टर में अब एक नया मॉडल तेजी से आगे बढ़ रहा है। ड्राइवर्स के मालिकाना हक वाली मोबिलिटी प्लेटफॉर्म भारत टैक्सी ने दावा किया है कि उससे अब 35 लाख से ज्यादा यूजर्स और छह लाख से ज्यादा चालक जुड़ चुके हैं। कंपनी का यह भी कहना है कि उसका जीरो-कमीशन मॉडल ड्राइवर्स को बेहतर कमाई और यात्रियों को कम किराया देने में मदद कर रहा है।

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क्या है भारत टैक्सी का मॉडल?
भारत टैक्सी को इसी साल 5 फरवरी 2026 को केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लॉन्च किया था। यह प्लेटफॉर्म एक कोऑपरेटिव मॉडल पर काम करता है, जिसमें चालकों को कर्मचारी नहीं बल्कि हिस्सेदार माना जा रहा है। कंपनी का कहना है कि इस मॉडल में किसी तरह का कॉर्पोरेट कमीशन नहीं काटा जाता है। साथ ही राइड का पूरा भुगतान भी सीधा ड्राइवर के बैंक अकाउंट में जाता है।

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चालकों को कितना लाभ हो रहा है?
भारत टैक्सी का दावा है कि प्लेटफॉर्म से जुड़े ड्राइवर्स की मासिक आय में 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी जा रही है। कंपनी का कहना है कि पारंपरिक एग्रीगेटर मॉडल में भारी कमीशन और आय में उतार-चढ़ाव जैसी समस्याएं थीं, जिससे उन्हें कुछ खास फायदा नहीं हो पा रहा था, लेकिन इस नए मॉडल के जरिए उसे कम करने की कोशिश की गई है, जिसका नतीजा काफी सकारात्मक दिख रहा है।

यात्रियों को भी मिल रहा सस्ता किराया

  • कंपनी के अनुसार, इसमें चालकों का ही नहीं, बल्कि यात्रियों को भी फायदा मिल रहा है। अन्य राइड्स के मुकाबले इसमें लोगों को औसतन लगभग 15 प्रतिशत कम किराया देना पड़ रहा है।
  • एक ड्राइवर के अनुसार, जहां दूसरी कंपनियां करीब 30 रुपये प्रति किलोमीटर चार्ज करती हैं, वहीं भारत टैक्सी ग्राहकों से लगभग 17-18 रुपये प्रति किलोमीटर ले रही है।


चालक ही मालिक मॉडल पर जोर
भारत टैक्सी के चेयरमैन और अमूल के मैनेजिंग डायरेक्टर जयेन मेहता (Jayen Mehta) ने इसे टेक्नोलॉजी-संचालित सहकारिता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह मॉडल सुनिश्चित करता है कि राइड से होने वाली कमाई का पूरा हिस्सा (100 प्रतिशत ) बिना किसी कटौती के सीधे ड्रावइर्स तक पहुंचे। उनके मुताबिक यह दुनिया की सबसे बड़ी मोबिलिटी कोऑपरेटिव के रूप में उभर रही है।

ड्राइवर्स का क्या मानना है?

  • प्लेटफॉर्म से जुड़े एक ड्राइवर प्रवीण ठाकोर का कहना है कि दूसरी कंपनियों के साथ काम करना अब ज्यादा फायदेमंद नहीं रह गया था, लेकिन भारत टैक्सी में बेहतर कमाई और अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
  • वहीं ड्राइवर जनक बारोट ने माना कि इस मॉडल में ड्राइवर खुद को मालिक जैसा महसूस करते हैं क्योंकि कोई कमीशन नहीं काटा जाता और पेमेंट सीधे खाते में आता है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में चालकों को पेंशन और इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी मिल सकती हैं।


गुजरात में तेजी से बढ़ रहा नेटवर्क

  • कंपनी के अनुसार उसके एक लाख से ज्यादा ड्राइवर सिर्फ गुजरात में हैं। अहमदाबाद और सूरत में विस्तार के बाद अब कंपनी वडोदरा में भी अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है। वहीं, भारत टैक्सी ने बताया कि वह आईटी पार्क, एयरपोर्ट और हाउसिंग सोसाइटी जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर BTL ( Below The Line) आउटरीच रणनीति के जरिए सीधे यूजर्स और ड्राइवरों से जुड़ रही है।
  • इसके अलावा अहमदाबाद रिक्शा चालक एकता यूनियन के प्रेसिडेंट अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म की ओर इसलिए आकर्षित हो रहे हैं क्योंकि इसमें जुड़ने की प्रक्रिया काफी आसान है। उनके मुताबिक, एप्लीकेशन पर डॉक्यूमेंट जमा करने के करीब 12 घंटे के अंदर ड्राइवरों को मंजूरी मिल जाती है।

सुरक्षा पर भी फोकस
भारत टैक्सी ने यात्रियों और ड्राइवर्स की सुरक्षा के लिए अपने SOS सिस्टम को गुजरात पुलिस से जोड़ा है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म ने सोमनाथ और द्वारका जैसे तीर्थ स्थलों के लिए खास रूट कनेक्टिविटी भी शुरू की है।

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ड्राइवरों को दी जा रही ट्रेनिंग
कंपनी के अनुसार, अब तक दस हजार से ज्यादा ड्राइवरों को डिजिटल साक्षरता, एप इस्तेमाल और सॉफ्ट स्किल्स की ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

मेट्रो और एयरपोर्ट से भी होगी कनेक्टिविटी
भारत टैक्सी ने कहा कि वह मेट्रो सेवाओं, GSRTC और एयरपोर्ट अधिकारियों के साथ मिलकर ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को ज्यादा आसान और बेहतर बनाने पर काम कर रही है।


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