5 Star Safety Rating: खरीददार अब गाड़ी मे सुरक्षा रेटिंग को माइलेज और फीचर से भी ऊपर रखते हैं। इसी वजह से भारत NCAP और Global NCAP जैसे सेफ्टी टेस्ट सिस्टम चर्चा में रहते हैं। और लोग इनकी सेफ्टी रेटिंग पर भरोसा भी कर लेते हैं। इन दोनों का ही उद्देश्य कारों की सुरक्षा का आकलन करना है, लेकिन इनके काम करने का तरीका और फोकस कुछ मामलों में अलग है।
भागीदारी का स्वरूप
भारत NCAP सरकारी पहल है, जबकि ग्लाेबल NCAP स्वतंत्र और गैर-सरकारी ढांचे के तहत काम करता है।
दोनों सिस्टम में क्या हैं समानताएं?
हालांकि अंतर होने के बाद इसमें कुछ समानताएं भी हैं, जिनके बारे में नीचे विस्तार से समझाया गया है...
सेफ्टी स्कोर कैसे तय होता है?
कारों की रेटिंग केवल स्टार के आधार पर नहीं बल्कि प्राप्त अंकों के आधार पर भी तय की जाती है।
वयस्क सुरक्षा
बाल सुरक्षा
कार खरीदते समय किस पर दें ध्यान?
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कार खरीदते समय केवल स्टार रेटिंग देखना पर्याप्त नहीं है। यह भी समझना जरूरी है कि रेटिंग किस टेस्टिंग सिस्टम से मिली है और उस वाहन ने एडल्ट व चाइल्ड सेफ्टी में कितने अंक हासिल किए हैं। अगर कोई कार भारत NCAP या ग्लोबल NCAP में बेहतर प्रदर्शन करती है, तो यह ग्राहकों के लिए सुरक्षा के लिहाज से सकारात्मक संकेत माना जाता है।