बिना नंबरप्लेट की स्कूटी का चालान करते यातायात पुलिसकर्मी
- फोटो : संवाद
बंगलूरू में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामलों में तेज उछाल देखा जा रहा है। औसतन हर दिन 21,000 से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं। पुलिस की जागरूकता मुहिम और सड़क सुरक्षा अभियानों के बावजूद वाहन चालकों और दोपहिया सवारों में नियमों का पालन नहीं बढ़ पा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, पिछले साल के 11 महीनों में ही 69 लाख से ज्यादा ट्रैफिक उल्लंघन दर्ज किए गए।
किन उल्लंघनों पर सबसे ज्यादा चालान कटे?
पुलिस ने कई तरह के अपराधों पर कार्रवाई की है। इनमें शामिल हैं-
- ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल
- नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करना
- बिना हेलमेट दोपहिया चलाना
- वन-वे में गलत दिशा से चलना
- नशे में गाड़ी चलाना
- हाई-बीम लाइट का गलत इस्तेमाल
- ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना
इन उल्लंघनों पर लगातार जुर्माना लगाया जा रहा है।
यह भी पढ़ें - EV Braking: क्या है रिजेनेरेटिव ब्रेकिंग, 100 साल पुराना आइडिया जिसने इलेक्ट्रिक कारों की एफिशिएंसी बदल दी
Traffic Challan
- फोटो : AI
कहां-कहां सख्त निगरानी की जा रही है?
शहर के प्रमुख चौराहों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।
- चालुक्य सर्कल
- शिवानंद सर्कल
- सिल्क बोर्ड
- अनिल कुंबले सर्कल
- हडसन सर्कल
- एम.जी. रोड
- बेलंदूर
इन इलाकों में एआई कैमरों की मदद से नियम तोड़ने वालों की पहचान की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इसी वजह से चालानों और पकड़े गए उल्लंघनों की संख्या में तेज बढ़ोतरी हुई है।
यह भी पढ़ें - Highway Signboards: हाईवे साइनबोर्ड हरे रंग के ही क्यों होते हैं? जानिए इसके पीछे की पांच बड़ी वजहें
हेलमेट न पहनने के मामले क्यों नहीं घट रहे?
लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद हेलमेट नियमों की अनदेखी जारी है।
- दोपहिया चालकों पर 20,33,259 मामले हेलमेट न पहनने के दर्ज हुए
- पीछे बैठने वाले यात्रियों (पिलियन राइडर्स) पर भी 11,27,924 मामले दर्ज किए गए
यह दिखाता है कि सुरक्षा नियमों को लेकर लापरवाही अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
यह भी पढ़ें - ACMA: ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की दूसरी छमाही में बढ़ सकती हैं चुनौतियां? पहली छमाही में 6.8% ग्रोथ दर्ज
ट्रैफिक चालान
- फोटो : AI
नो-पार्किंग उल्लंघन भी क्यों चिंता का विषय है?
सिर्फ हेलमेट ही नहीं, पार्किंग नियमों की अनदेखी भी बड़े पैमाने पर हो रही है।
- 11,16,278 नो-पार्किंग उल्लंघन दर्ज किए गए
यह बताता है कि सख्त कार्रवाई और जागरूकता के बावजूद बुनियादी ट्रैफिक नियमों के पालन में सुधार सीमित है।
यह भी पढ़ें - Vehicle Rules: देश के 70% से ज्यादा वाहन नियमों पर खरे नहीं, सरकार गैर-अनुपालक वाहनों पर उठा सकती है बड़ा कदम
आगे की चुनौती क्या है?
बंगलूरू ट्रैफिक पुलिस का मानना है कि तकनीक ने निगरानी को मजबूत किया है। लेकिन असली बदलाव तब आएगा जब वाहन चालक खुद जिम्मेदारी समझेंगे। नियमों का पालन सिर्फ चालान से नहीं, बल्कि सड़क पर सुरक्षित व्यवहार अपनाने से संभव होगा।
यह भी पढ़ें - Turbocharged Engine: टर्बोचार्ज्ड इंजन क्या होता है और यह क्यों लगाया जाता है?
यह भी पढ़ें - NHAI: राष्ट्रीय राजमार्गों पर आवारा पशुओं से हादसे रोकने की नई पहल, एनएचएआई ने शुरू किया रियल-टाइम अलर्ट पायलट
यह भी पढ़ें -