देरी की मुख्य वजह क्या है?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एक्सप्रेसवे के अरक्कोनम और कांचीपुरम सेक्शन में काम पिछले कई महीनों से रुका हुआ है।
इसके पीछे प्रमुख कारण हैं:
क्या मामला कोर्ट तक पहुंच गया है?
हां, संबंधित ठेकेदार ने प्रोजेक्ट को दूसरे कॉन्ट्रैक्टर को ट्रांसफर करने की अनुमति के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
जब तक इस मामले का समाधान नहीं होता, तब तक काम दोबारा शुरू नहीं हो पाएगा।
कितना काम अभी बाकी है?
अरक्कोनम-कांचीपुरम सेक्शन में:
क्या अन्य हिस्सों में भी देरी हो रही है?
हां, कांचीपुरम-श्रीपेरंबुदूर सेक्शन में भी काम धीमा पड़ा है।
यहां मुख्य समस्या है:
बिजली लाइनों की शिफ्टिंग में क्या दिक्कत है?
इस काम के लिए:
चुनावों के कारण यह मंजूरी मिलने में देरी हो रही है, जिससे काम अटका हुआ है।
परियोजना की लागत पर क्या असर पड़ा?
देरी के कारण इस प्रोजेक्ट की लागत में भी काफी बढ़ोतरी हो चुकी है।
लंबे समय तक काम रुकने से खर्च और बढ़ गया है।
इस एक्सप्रेसवे का महत्व क्या है?
यह एक्सप्रेसवे:
क्या कोई हिस्सा चालू हो चुका है?
हां, कर्नाटक में होसकोटे से बेथमंगल तक का एक हिस्सा पहले ही चालू किया जा चुका है।
लेकिन पूरा प्रोजेक्ट अभी अधूरा है।
प्रोजेक्ट फिलहाल अटका
कानूनी विवाद, जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी समस्याओं के कारण यह महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट फिलहाल अटका हुआ है।
जब तक ये मुद्दे हल नहीं होते, तब तक इसके पूरा होने की समयसीमा तय करना मुश्किल है।