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Bengaluru-Chennai Expressway: बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे में देरी, जानें किन समस्याओं से अटकी परियोजना

Sat, 28 Mar 2026 06:24 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे का उद्घाटन अब अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है।
इस परियोजना के कुछ हिस्सों में काम लंबे समय से रुका हुआ है, जिससे पूरा प्रोजेक्ट प्रभावित हुआ है।

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Bengaluru Chennai Expressway - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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बंगलूरू-चेन्नई एक्सप्रेसवे (BCE), जिसे दक्षिण भारत की एक अहम कनेक्टिविटी परियोजना माना जा रहा था, अब अनिश्चितकाल के लिए टल गया है। कानूनी विवाद, ठेकेदार से जुड़े मुद्दे और इंफ्रास्ट्रक्चर बाधाओं ने इस प्रोजेक्ट की रफ्तार रोक दी है।

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इस देरी का असर न सिर्फ यात्रा समय पर पड़ेगा, बल्कि लागत भी लगातार बढ़ रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि काम कब दोबारा शुरू होता है और परियोजना कब पूरी होगी।
 

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देरी की मुख्य वजह क्या है?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एक्सप्रेसवे के अरक्कोनम और कांचीपुरम सेक्शन में काम पिछले कई महीनों से रुका हुआ है।
इसके पीछे प्रमुख कारण हैं:

  • कानूनी विवाद

  • ठेकेदार से जुड़ी समस्याएं

  • वित्तीय दिक्कतें

क्या मामला कोर्ट तक पहुंच गया है?
हां, संबंधित ठेकेदार ने प्रोजेक्ट को दूसरे कॉन्ट्रैक्टर को ट्रांसफर करने की अनुमति के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
जब तक इस मामले का समाधान नहीं होता, तब तक काम दोबारा शुरू नहीं हो पाएगा।

कितना काम अभी बाकी है?
अरक्कोनम-कांचीपुरम सेक्शन में:

  • कुल लंबाई का लगभग आधा काम ही पूरा हुआ है

  • बाकी हिस्से का काम शुरू होने के बाद भी पूरा होने में कम से कम एक साल लग सकता है


क्या अन्य हिस्सों में भी देरी हो रही है?
हां, कांचीपुरम-श्रीपेरंबुदूर सेक्शन में भी काम धीमा पड़ा है।
यहां मुख्य समस्या है:

  • हाई-टेंशन बिजली लाइनों और टावरों को शिफ्ट करने में देरी


बिजली लाइनों की शिफ्टिंग में क्या दिक्कत है?
इस काम के लिए:

  • पहले बिजली सप्लाई बंद करनी पड़ती है

  • इसके लिए प्रशासनिक मंजूरी जरूरी होती है

चुनावों के कारण यह मंजूरी मिलने में देरी हो रही है, जिससे काम अटका हुआ है।

परियोजना की लागत पर क्या असर पड़ा?
देरी के कारण इस प्रोजेक्ट की लागत में भी काफी बढ़ोतरी हो चुकी है।
लंबे समय तक काम रुकने से खर्च और बढ़ गया है।

इस एक्सप्रेसवे का महत्व क्या है?
यह एक्सप्रेसवे:

  • बंगलूरू और चेन्नई के बीच यात्रा समय को करीब 3 घंटे तक कम करने के लिए बनाया जा रहा है

  • कुल लंबाई लगभग 262 किमी है

 

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क्या कोई हिस्सा चालू हो चुका है?
हां, कर्नाटक में होसकोटे से बेथमंगल तक का एक हिस्सा पहले ही चालू किया जा चुका है।
लेकिन पूरा प्रोजेक्ट अभी अधूरा है।

प्रोजेक्ट फिलहाल अटका
कानूनी विवाद, जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी समस्याओं के कारण यह महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट फिलहाल अटका हुआ है।
जब तक ये मुद्दे हल नहीं होते, तब तक इसके पूरा होने की समयसीमा तय करना मुश्किल है। 

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