अक्सर आप सभी ने नाइट्रोजन हवा के बारे में सुना ही होगा। पेट्रोल पंप पर जब हवा डलवाते हैं तो कई बार टायर्स में नाइट्रोजन हवा भरवाने की सलाह दी जाती है। आजकल ज्यादातर पेट्रोल पंप पर आपको नाइट्रोजन हवा के पॉइंट मिल जायेंगे। आइये जानते हैं आखिर क्यों टायर्स में नॉर्मल हवा की जगह नाइट्रोजन हवा क्यों भरवाने के लिए कहा जाता है...
नाइट्रोजन हवा के हैं कई फायदे
- जब हम टायर्स में नॉर्मल हवा डलवाते हैं तो उसके साथ ही आर्द्रता (Humidity) जैसी समस्या पैदा हो जाती हैं। जिसकी वजह से टायर्स के नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है और टायर्स के प्रेशर पर भी असर पड़ता है।
- टायर्स में नॉर्मल हवा फ्री में भरी जाती है जबकि नाइट्रोजन हवा भरवाने में आपको 25 से 50 रुपये प्रति-टायर्स के हिसाब से देने पड़ते हैं लेकिन महंगी होने के बावजूद नाइट्रोजन हवा के कई फायदे भी हैं।
- नाइट्रोजन हवा के इस्तेमाल से टायर्स में जो ऑक्सीजन मौजूद रहती है वो डाल्यूट हो जाती है साथ ही साथ आक्सीजन में मौजूद पानी की मात्रा को भी खत्म कर देती है। ऐसे में टायर के रिम को नुकसान नहीं पहुंचता।
- नाइट्रोजन हवा के इस्तेमाल से टायर्स की लाइफ बढ़ जाती है। और साथ-साथ आपको मिलती है बेहतर माइलेज, एक्सपर्ट मानते हैं कि गाड़ी की सेफ्टी और हैंडलिंग भी बेहतर होती है
- नार्मल हवा की तुलना में नाइट्रोजन हवा टायर्स में लम्बे समय तक रहती है और बार-बार हवा डलवाने की जरूरत नहीं पड़ती, हवा हल्की होने से टायर्स की परफॉरमेंस बढ़ जाती है इसलिए फॉर्मूला वन रेस में चलने वाली हर सुपरकार के टायर्स में नाइट्रोजन हवा का ही इस्तेमाल किया जाता है।