Ajit Pawar Plane Crash
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विमान की जानकारी
दुर्घटनाग्रस्त विमान 16 साल पुराना था, जिसका सीरियल नंबर 45-417 था। लीयरजेट 45 एक दो इंजन वाला हल्का बिजनेस जेट है, जिसका उपयोग अक्सर कॉर्पोरेट और वीआईपी यात्राओं के लिए किया जाता है। इसे VSR वेंचर्स नाम की कंपनी संचालित करती थी।
कंपनी का इतिहास और पिछला हादसा
VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली में 2011 से परिचालन में है। यह कंपनी बिजनेस चार्टर और एयर एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध कराती है। गौरतलब है कि इस कंपनी से जुड़ी एक और दुर्घटना 14 सितंबर 2023 को मुंबई हवाई अड्डे पर हुई थी। उस समय एक अन्य लीयरजेट (VT-DBL) भारी बारिश के दौरान क्रैश-लैंड हुआ था, हालांकि उस हादसे में सभी 8 लोग सुरक्षित बच गए थे।
दुर्घटना का विवरण
VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए संचालित यह विमान (VT-SSK) लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हुआ। आधिकारिक घटना रिपोर्ट के अनुसार, विमान बारामती में 'क्रैश-लैंड' हुआ और इसमें सवार किसी भी व्यक्ति की जान नहीं बच पाई। स्थानीय हवाई अड्डा कर्मियों और आपातकालीन टीमों ने मौके पर पहुंचकर देखा कि विमान पूरी तरह नष्ट हो चुका था।
(बारामती रनवे)
क्या 'ड्राइवर असिस्ट' या 'सेंसर' में आई खराबी?
शुरुआती रिपोर्ट्स इशारा करती हैं कि लैंडिंग के दौरान विमान अनियंत्रित हो गया था। विशेषज्ञों की नजर में यह स्थिति वैसी ही है, जैसे सड़क पर दौड़ती कार का 'एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम' (ABS) या 'ट्रैक्शन कंट्रोल' ऐन मौके पर फेल हो जाए और गाड़ी बेकाबू हो जाए।
लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कोई 'ह्यूमन एरर' था या फिर 'मशीन फेलियर'? इस गुत्थी को सुलझाने के लिए DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) अब फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर यानी ब्लैक बॉक्स की जांच करेगा, जो विमान के हर गतिविधि का डाटा रिकॉर्ड करता है।
VSR कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड
अब हादसे के बाद कंपनी का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड भी अब जांच के दायरे में आ गया है। चिंता की बात यह है कि इन दोनों ही घटनाओं में 'लो विजिबिलिटी' और 'क्रैश लैंडिंग' जैसे कारक समान रहे हैं। यह पैटर्न सीधे तौर पर कंपनी के 'सेफ्टी ऑपरेशंस' और 'मेंटेनेंस शेड्यूल्स' पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का भी मानना है कि जब आप 16 साल पुरानी किसी हाई-परफॉर्मेंस मशीन को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ऑपरेट करते हैं, तो वहां 'मार्जिन ऑफ एरर' (गलती की गुंजाइश) शून्य हो जाती है। इन हादसों में कहीं न कहीं 'मशीन' और 'मैन्युअल कमांड' के बीच का तालमेल बिगड़ा हुआ नजर आता है।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने ब्लैक बॉक्स, फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) को बरामद करने के लिए दिल्ली से एक टीम भेजी है, ताकि दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके।