Bajaj Auto (बजाज ऑटो) पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के तहत उसके इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के वर्गीकरण से संबंधित विवाद को लेकर कर अधिकारियों ने 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया है। कंपनी ने कहा है कि वह इस फैसले को अदालत में चुनौती देगी।
एक रेगुलेटरी फाइलिंग में, बजाज ऑटो ने बताया कि केंद्रीय जीएसटी, पुणे - II आयुक्तालय के संयुक्त आयुक्त ने फैसला सुनाया कि जुलाई 2017 और मार्च 2022 के बीच की अवधि के लिए इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर को एचएसएन कोड 8708/8714 के तहत वर्गीकृत किया जाना चाहिए। हालांकि, बजाज ऑटो एचएसएन कोड 9029 का उपयोग कर रहा था।
2025 Bajaj Pulsar RS 200
- फोटो : Bajaj Auto
इसकी वजह से, टैक्स प्राधिकरण ने 10,03,91,402 रुपये के अंतर जीएसटी भुगतान की मांग की है। जिसे कंपनी द्वारा पहले से भुगतान किए गए टैक्स के मुताबिक एडजस्ट (समायोजित) किया गया है। इसके अलावा, कंपनी पर 10,03,91,402 रुपये का ब्याज और जुर्माना लगाया गया है। साथ ही 25,000 रुपये का सामान्य जुर्माना भी लगाया गया है। इस तरह कुल जुर्माना 10,04,16,402 रुपये हो गया है।
Eric Vas, President Urbanite,Rishabh Bajaj,Abraham Joseph, MD Bajaj Auto, with 2025 Chetak Electric
- फोटो : Bajaj Auto
बजाज ऑटो ने फैसले का विरोध किया
बजाज ऑटो ने फैसले से पूरी तरह असहमति जताते हुए कहा कि यह अनुचित है और टैक्स प्राधिकरण की शक्तियों से परे है। कंपनी ने यह भी बताया कि यह फैसला बॉम्बे हाई कोर्ट में चल रहे एक मामले को नजरअंदाज करता है, जहां बजाज ऑटो ने पहले ही टैक्स नोटिस को चुनौती दे दी है।
Bajaj Freedom 125 CNG Motorcycle Launch
- फोटो : Bajaj Auto
अपनी स्थिति पर भरोसा जताते हुए बजाज ऑटो ने कहा है कि वह इस फैसले को पलटने के लिए कानूनी कार्रवाई करेगी। कंपनी ने यह भी आश्वासन दिया कि इस जुर्माने का उसके कारोबार पर कोई बड़ा वित्तीय असर नहीं पड़ेगा।
भारत में बजाज ऑटो सबसे प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माताओं में से एक है। जो मशहूर चेतक और पल्सर मॉडल सहित कई मॉडल बेचता है। हाल ही में यह बाइक निर्माता दुनिया की पहली फैक्ट्री-फिटेड CNG मोटरसाइकिल पेश करने वाली पहली कंपनी भी बन गई है।
Bajaj Chetak Electric Scooter
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बजाज ऑटो में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई
अपनी हालिया बिक्री रिपोर्ट में, बजाज ऑटो लिमिटेड ने वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में अपने कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (समेकित शुद्ध लाभ) में 8 प्रतिशत की साल-दर-साल बढ़ोतरी दर्ज की। निर्माता ने नौ तिमाहियों के बाद पहली बार निर्यात में 5,00,000 यूनिट्स का आंकड़ा भी पार किया।