रेस कब आयोजित होने वाली हैं?
इस सीजन की चौथी रेस बहरीन में 10 से 12 अप्रैल के बीच आयोजित होने वाली है। इसके ठीक एक सप्ताह बाद जेद्दा में सऊदी अरब ग्रां प्री प्रस्तावित है।
हालिया हमलों में होटल, नागरिक ढांचा, ऊर्जा प्रतिष्ठान और अमेरिकी सैन्य ठिकाने निशाने पर आए हैं। इससे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
क्या F1 से जुड़े लोग भी प्रभावित हो सकते हैं?
बहरीन की राजधानी मनामा में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डा ईरानी मिसाइलों का निशाना बन चुका है। यह अड्डा जुफैर इलाके में है, जहां आमतौर पर Formula 1 (फॉर्मूला 1) से जुड़े कई कर्मचारी ठहरते हैं।
वहीं सऊदी अरब की रेस जिस इलाके में आयोजित होती है, उसके पास एक तेल रिफाइनरी है। जिस पर चार साल पहले यमन के हूती विद्रोहियों ने मिसाइल हमला किया था।
इस स्थिति पर फॉर्मूला 1 का क्या कहना है?
फॉर्मूला 1 ने अपने बयान में कहा कि फिलहाल अगली तीन रेस ऑस्ट्रेलिया, चीन और जापान में होंगी, जो मध्य-पूर्व में नहीं हैं और अभी कुछ सप्ताह दूर हैं।
संगठन ने कहा कि वह हालात पर लगातार नजर रख रहा है और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति का आकलन कर रहा है। F1 के अनुसार, खेल से जुड़े सभी लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
फैसला कब तक लिया जा सकता है?
हालांकि बहरीन ग्रां प्री में अभी लगभग पांच सप्ताह का समय है, लेकिन फॉर्मूला 1 को करीब दो सप्ताह के भीतर निर्णय लेना पड़ सकता है।
कारण यह है कि रेस के उपकरण और सामग्री को समुद्री मार्ग से पहले ही इन देशों तक भेजना पड़ता है।
किन परिस्थितियों में रेस रद्द हो सकती है?
अगर निर्णय लेने के समय तक युद्ध जारी रहता है, तो इन रेसों के आयोजन की संभावना बहुत कम हो सकती है।
यहां तक कि यदि तब तक युद्धविराम हो जाए और शांति वार्ता शुरू हो जाए, तब भी बाहरी या संबंधित समूहों की प्रतिक्रिया को लेकर अनिश्चितता बनी रह सकती है। ऐसी स्थिति में आयोजन को जोखिम भरा मानते हुए रेस रद्द की जा सकती है।
क्या रेस रद्द होने से आर्थिक असर पड़ेगा?
अगर दोनों रेस रद्द होती हैं, तो इसका बड़ा आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है।
बहरीन और सऊदी अरब जैसे तेल-समृद्ध देशों द्वारा दी जाने वाली मेजबानी फीस मिलाकर 100 मिलियन डॉलर से अधिक बताई जाती है। रेस रद्द होने की स्थिति में यह भुगतान नहीं होगा।
क्या इन रेसों की जगह दूसरी रेस कराई जा सकती है?
फॉर्मूला 1 कैलेंडर पहले से काफी व्यस्त है, इसलिए इन रेसों को दोबारा शेड्यूल करना मुश्किल माना जा रहा है।
अगर ये रेस नहीं होतीं, तो सीजन 22 ग्रां प्री तक सीमित रह सकता है।
संभावित विकल्पों में पुर्तगाल के पोर्टिमाओ, इटली के इमोला या तुर्की के इस्तांबुल में रेस कराने की चर्चा हुई है। हालांकि इतने कम समय में आयोजन की तैयारी और टिकट बिक्री करना व्यावहारिक नहीं माना जा रहा।
क्या जापान में दूसरी रेस हो सकती है?
एक सुझाव यह भी आया कि जापान में Suzuka Circuit (सुजुकी सर्किट) पर 27-29 मार्च को होने वाली रेस के बाद वहीं दूसरी रेस आयोजित की जाए।
हालांकि इसे भी व्यवहारिक विकल्प नहीं माना जा रहा। क्योंकि इससे F1 टीमों और कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है और इसका फायदा भी सीमित रहेगा।