वाहन क्षेत्र के विश्लेषकों के मुताबिक, महंगी कारों की औसत कीमत 2024 में 90 लाख रुपये थी, जो 2025 में बढ़कर एक करोड़ रुपये हो सकती है। बाकी आम कारों की कीमतें 11.64 लाख से बढ़कर 13 लाख रुपये पहुंच सकती हैं।
चार वर्षों से लगातार कीमतें बढ़ने के बावजूद इस साल रिकॉर्ड 45 लाख यात्री वाहन बिक सकते हैं। वाहन उद्योग का मानना है कि दिसंबर तिमाही की सकारात्मक धारणा नए साल में भी जारी रहेगा। वाहन क्षेत्र के विश्लेषकों के मुताबिक, महंगी कारों की औसत कीमत 2024 में 90 लाख रुपये थी, जो 2025 में बढ़कर एक करोड़ रुपये हो सकती है। बाकी आम कारों की कीमतें 11.64 लाख से बढ़कर 13 लाख रुपये पहुंच सकती हैं। बढ़ती लागत का मुकाबला करने के लिए वाहन निर्माता कंपनियों ने कीमतों में दो से चार फीसदी की बढ़ोतरी की है।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा बिकेगी एसयूवी
नए साल में स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) सबसे ज्यादा बिकने वाली कार बनी रहेगी। छोटी कारों और दोपहिया वाहनों की भी मांग में सुधार की उम्मीद है। कार कंपनियां लगातार नए फीचर्स लाने के साथ और कीमतों में संतुलन बिठाने का प्रयास कर रही हैं।
कारों की औसत कीमत 11.6 लाख रुपये
आंकड़ों के मुतबिक, ज्यादा मांग वाली कारों की औसत कीमत 2021 में 9.3 लाख रुपये थी जो 2022 में 10.4 लाख और 2023 में 11.4 लाख रुपये हो गई थी। 2024 में यह 11.6 लाख रुपये हो गई थी। लग्जरी सेगमेंट वाली कारों के दाम इसी दौरान 68.90 लाख, 74.20 लाख, 81.8 लाख व 90.10 लाख रुपये हो गईं।
विज्ञापन
उपभोक्ता भावनाएं बनी हुई हैं सकारात्मक
सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के अध्यक्ष शैलेश चंद्रा का कहना है कि ऑटो उद्योग के लिए 2024 काफी अच्छा रहा। सकारात्मक उपभोक्ता भावना और देश की व्यापक आर्थिक स्थिरता ने वाहन क्षेत्र के लिए विकास को बढ़ावा देने में मदद की।