कार की डिक्की का उपयोग सामान रखने के लिए होता है, इसमें कभी भी पानी नहीं भरा जाता. तो फिर डिक्की का साइज लीटर में ही क्यों बताया जाता है. आइए जानने की कोशिश करते हैं कि ऐसा क्यों होता है.
कार में सामान रखने के लिए पीछे डिक्की मिलती है. कार की डिक्की कार के साइज के अनुसार छोटी-बड़ी होती है. आपने अक्सर देखा होगा की डिक्की के साइज को हमेशा लीटर में बताया जाता है. अगर आप किसी कार के यूजर मैनुअल को देखें तो उसमें डिक्की का स्पेस लीटर में लिखा होता है.
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ऐसा स्कूटरों के साथ भी होता है. डिक्की का उपयोग सामान रखने के लिए होता है, इसमें कभी भी पानी नहीं भरा जाता. तो फिर डिक्की का साइज लीटर में ही क्यों बताया जाता है. क्या कभी आपने इसके पीछे की वजह पता लगाने की कोशिश की है? आइए जानने की कोशिश करते हैं कि ऐसा क्यों होता है.
दरअसल, कार के अनुसार डिक्की का साइज भी अलग-अलग होता है. कार छोटी हो तो उसकी डिक्की भी छोटी होती है, बड़ी गाड़ियों में डिक्की बढ़ी होती है. लेकिन डिक्की का साइज कभी भी समतल या पूरी तरह चौकोर नहीं होता. डिक्की अंदर में कई जगह से मुड़ी होती है और इसके दीवारों पर फोल्ड बने होते हैं.
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डिक्की को लीटर में इसलिए मापते हैं
डिक्की को लीटर में मापने का सबसे बड़ा कारण उसकी बनावट है, जो एक जैसी नहीं होती. यदि इसे मीटर में नापा जाए तो इसका माप कभी भी सही नही आएगा. इसलिए डिक्की की क्षमता को मापने के लिए लिक्विड के मेजरमेंट यानी लीटर (Litre) का इस्तेमाल होता है. लीटर में मेटरमेंट से डिक्की की पूरी क्षमता का पता चलता है.
टेकनिकल नजरिए से देखें तो केवल डिक्की ही नहीं बल्कि जिन वस्तुओं का आकार टेढ़ा-मेढ़ा होता है उसकी कैपिसीटी को मापने के लिए लीटर का ही इस्तेमाल होता है. जैसे कि फ्रीज, वाशिंग मशीन और इंडक्शन की क्षमता को भी लीटर में ही मापा जाता है.