फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेट्रोल कारों की मौत! Volvo साल 2030 से सिर्फ इलेक्ट्रिक कारें बनाएगी, इन्हें बेचेगी सिर्फ ऑनलाइन

Wed, 03 Mar 2021 05:03 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कार निर्माता जीरो-उत्सर्जन मॉडल पर स्विच करने की दौड़ में शामिल हैं क्योंकि यूरोप और चीन जैसे देशों में कार्बन-डाई-ऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्य तय किए गए हैं। साथ ही कुछ देशों में फॉसिल फ्यूल वाहनों की बिक्री पर प्रतिबंध लगने के आसार नजर आ रहे हैं। ऐसे में कई कंपनियां सिर्फ इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण का एलान कर चुकी है।
विज्ञापन
Volvo XC40 - फोटो : Volvo
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

साल 2030 से Volvo सिर्फ इलेक्ट्रिक कारें बेचेगी। चीन के स्वामित्व वाली Volvo Cars (वोल्वो कार्स) उन प्रीमियम कार निर्माता कंपनियों की लीग में शामिल हो गई है, जो इस दशक के आखिर तक फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) जैसे पेट्रोल-डीजल से चलने वाली कारों के उत्पादन को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की योजना बना रहे हैं। इसका मतलब है कि कंपनी अपनी सभी हाइब्रिड कारों को भी फेज आउट करेगी और सिर्फ फुल-इलेक्ट्रिक मॉडल बेचेगी। 
विज्ञापन

भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग कितनी रहेगी, इस सवाल के जवाब में वोल्वो के चीफ एक्जीक्यूटिव हाकन सैम्यूल्सन ने मीडिया से कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि कोई भी ग्राहक ऐसा नहीं होगा जो पेट्रोल इंजन के वाहन खरीदना चाहेगा।" उन्होंने कहा, "हम आश्वस्त हैं कि इलेक्ट्रिक कार ग्राहकों के लिए अधिक आकर्षक है।" 

स्वीडन की प्रमुख कार निर्माता कंपनी ने कहा कि साल 2025 तक उनकी ग्लोबल बिक्री का 50 फीसदी फुल-इलेक्ट्रिक कारों से आएगा और बाकी आधे का हाइब्रिड मॉडल होना चाहिए। 

चीन में हांग्जो स्थित झेजियांग Geely (जेली) होल्डिंग ग्रुप के मालिकाना हक वाली कंपनी Volvo अगले कुछ वर्षों में कई इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च करेगी। खास बात यह है कि कंपनी अपनी इन सभी कारों को सिर्फ ऑनलाइन ही बेचेगी। इसी कड़ी में कंपनी ने मंगलवार को उन मॉडलों में से पहला मॉडल C40 (सी 40), फुल-इलेक्ट्रिक एसयूवी को प्रदर्शित किया। इस इलेक्ट्रिक एसयूवी कार की शुरुआती बैटरी रेंज लगभग 420 किलोमीटर (261 मील) होगी। 

वोल्वो के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर हेनरिक ग्रीन ने कहा, वोल्वो अपने नए इलेक्ट्रिक मॉडल के लिए वायरलेस अपग्रेड देगी। इस नजरिए को सबसे इलेक्ट्रिक कार निर्माता टेस्ला ने शुरू किया है। इसका मतलब है कि C40 की ड्राइविंग रेंज को सॉफ्टवेयर अपग्रेड के जरिए समय के साथ बढ़ाया जाएगा। 

हेनरिक ग्रीन ने कहा है कि कंपनी को अपना ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है क्योंकि इंटर्नल कंबशन इंजन वाहनों का कोई लॉन्ग-टर्म भविष्य नहीं है। कार निर्माता इलेक्ट्रिक प्रीमियम सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं क्योंकि इसके बहुत तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। 

कार निर्माता जीरो-उत्सर्जन मॉडल पर स्विच करने की दौड़ में शामिल हैं क्योंकि यूरोप और चीन जैसे देशों में कार्बन-डाई-ऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्य तय कर दिए गए हैं। साथ ही कुछ देशों में फॉसिल फ्यूल वाहनों की बिक्री पर प्रतिबंध लगने के आसार नजर आ रहे हैं। ऐसे में कई कंपनियां सिर्फ इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण का एलान कर चुकी है। 

पिछले महीने, Ford Motor (फोर्ड मोटर) ने एलान किया था कि यूरोप में उसका लाइनअप 2030 तक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक हो जाएगा। जबकि टाटा मोटर्स के मालिकाना हक वाली ब्रिटिश ऑटोमोबाइल कंपनी Jaguar Land Rover (जगुआर लैंड रोवर) ने कहा है कि उसका लग्जरी ब्रांड जगुआर 2025 तक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक हो जाएगा और कार निर्माता 2030 तक अपने पूरे लाइनअप का इलेक्ट्रिक मॉडल लॉन्च कर देगी।

पिछले साल नवंबर में, जर्मनी की Volkswagen (फॉक्सवैगन) के स्वामित्व वाली लग्जरी कार निर्माता कंपनी Bentley (बेंटले) ने कहा कि उसके सभी मॉडल 2030 तक ऑल-इलेक्ट्रिक हों जाएंगे। 
विज्ञापन

कार निर्माताओं के लिए कारों का इलेक्ट्रिफिकेशन महंगा सौदा है। रिपोर्ट के मुताबिक चूंकि इलेक्ट्रिक वाहनों के अंदर चलने वाले हिस्से कम होते हैं, इसलिए कारों के ऑल-इलेक्ट्रिक होने जाने पर कार उद्योग में रोजगार कम होने की आशंका है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें