देश की कार निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन इस समय एक बड़े संकट से गुजर रही है, एक तरफ जहां जर्मनी के करीब 3 लाख से ज्यादा फॉक्सवैगन मालिकों ने कंपनी पर कानूनी कारवाई करने के संकेत दिए हैं। वहीं भारत में कंपनी पर बड़ा सकट आन पड़ा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा गठित चार-सदस्यीय विशेषज्ञ पैनल ने सिफारिश की है कि जर्मन की ऑटो दिग्गज फॉक्सवैगन कम से कम 171.34 करोड़ रुपये का भुगतान करे।
जिसके पीछे पैनल ने भारतीयों के स्वास्थ्य के नुकसान का हवाला दिया। बता दें, फॉक्सवैगन ने 2015 में इस बात को स्वीकारा था, कि उसने करीब 1.1 करोड़ डीजल गाड़ियों में हेराफेरी की थी जिससे कार टेस्ट के समय कम उत्सर्जन करती थी। लेकिन, वास्तविकता कुछ और ही थी। इसी के चलते भारत में एनजीटी पैनल का गठन नवंबर 2015 में किया गया था।