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देश में पहली बार लागू होंगे गाड़ी री-कॉल करने के अंतरराष्ट्रीय मानक, जानें क्या होता है यह

Thu, 14 Jan 2021 03:11 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रिपोर्ट के मुताबिक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने देश में पहली बार व्हीकल री-कॉल संबंधी अंतरराष्ट्रीय मानक लागू किए जा रहे हैं।
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Toyota Innova - फोटो : For Representation Only
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विस्तार
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विदेशों की तर्ज पर भारत में नए साल से सुरक्षित कारों की बिक्री सुनिश्चित हो जाएगी। नए साल में सरकार ने व्हीकल री-कॉल नियम लागू करने का मन बना लिया है। इस नियम के तहत मैकेनिकल-इलेक्ट्रिकल खामी होने पर निर्माता कंपनियों को कारों की पूरी खेप वापस लेनी होगी। मौजूदा समय में देश में व्हीकल री-कॉल करने की प्रथा नहीं है। लेकिन अब वाहनों के वजन से लेकर निर्माण प्रक्रिया, संचालन आदि के मानक तय करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के अधीन होगी। 
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लागू होंगे अंतरराष्ट्रीय मानक 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ने देश में पहली बार व्हीकल री-कॉल संबंधी अंतरराष्ट्रीय मानक लागू किए जा रहे हैं। इसके तहत कारों और दूसरे वाहनों में मैकेनिकल-इलेकट्रिकल खामी होने पर कंपनियों को वाहनों की पूरी खेप वापस (व्हीकल री-कॉल) मंगवाना अनिवार्य होगा। 

मुफ्त में होगी मरम्मत
कंपनियों को पूरी खेप के वाहनों की त्रुटियों को ठीक कर उपभोक्ताओं को देनी होगी। इसके लिए उपभोक्ताओं से शुल्क अथवा सर्विस चार्ज के नाम पर पैसे नहीं लिए जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में भारत में व्हीकल री-कॉल की प्रथा नहीं है। जबकि अतंरराष्ट्रीय मानक में वाहन की किसी खेप में पांच फीसदी त्रुटि होने पर पूरी खेप वाहन निर्माता कंपनी के लिए वापस लेना अनिवार्य है। 
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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड करेगा निगरानी
नई व्यवस्था में निजी और व्यावसायिक वाहनों के वजन, डिजाइन, निर्माण, विनिर्माण प्रक्रिया, संचालन, रख रखाव, वाहनों में सुरक्षा उपकरण आदि के मानक तय करना और निगरानी का कार्य राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के अधीन होगा। 
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