मंदी की मार से जूझ रही ऑटो इंडस्ट्री के लिए लगातार बुरी खबरों का आना जारी है। कारों की कम बिक्री से परेशान टाटा मोटर्स ने अपनी एक 11 साल पुरानी कंपनी को बंद करने का एलान किया है। इस कंपनी में टाटा मोटर्स की 100 फीसदी हिस्सेदारी थी।
टाटा मोटर्स और डीलर्स के बीच थी संपर्क
न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक टीएमएल डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (TDCL) टाटा मोटर्स की वितरण सब्सिडियरी कंपनी थी, जो पूरे देश में पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों 6,600 डीलर्स की सेल्स और सर्विसेज का प्रबंधन करती थी। साथ ही, यह कंपनी टाटा मोटर्स के उत्पादों को पूरे देश में लॉजिस्टिक्स सपोर्ट्स भी उपलब्ध कराती थी।
डीलर्स को सीधे देगी गाड़ियां
मनीकंट्रोल वेबसाइट से बातचीत में टाटा मोटर्स के सीएफओ पीबी बालाजी ने बताया कि टाटा मोटर्स को कानूनी रूप से संसाधन उपलब्ध कराने वाली कंपनी को बंद किया जा रहा है। जिसके बाद टाटा मोटर्स सीधे डीलर्स को अपनी गाड़ियां उपलब्ध कराएगी, साथ ही टाटा मोटर्स आपरेशंस की प्रक्रिया को भी आसान बनाएगी।
46.5 करोड़ का हुआ था लाभ
पिछले वित्त वर्ष 2018-19 में टीडीसीएल को 3,389 करोड़ के राजस्व के साथ 46.5 करोड़ का लाभ हुआ था, वहीं इसका शेयर कैपिटल 225 करोड़ रुपये का है। इसके बाद कंपनी अब सीधे ही डीलर्स को स्टॉक भेजेगी। टाटा मोटर्स का मानना है कि टीडीसीएल ने उनकी बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन ऑपरेशंस और प्रक्रियाओं में काफी सुधार किया है।
कर्मचारियों की नहीं जाएगी नौकरी
टाटा मोटर्स ने 2018-19 में जारी अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा है कि टीडीसीएल हाईवे पर सर्विस सेंटर्स का नेटवर्क और टोल फ्री कस्टमर असिस्टेंस सेंटर और वाहनों मालिकों को पार्ट्स का रिप्लेसमेंट उपलब्ध कराती है। वहीं टीडीसीएल के कर्मचारियों को टाटा ग्रुप, जिसमें टाटा मोटर्स ग्रुप की कंपनियां में ही शामिल कर लिया जाएगा।