नई कारों की सफलता से उत्साहित टाटा अपनी उन पुरानी गाड़ियों से पीछा छुड़ाने की कोशिश कर रही है जिसके वजह से टाटा को लोग जानते हैं लेकिन टाटा को अब यह पसंद नहीं है कि लोग उसे उन कारों के लिए जानें। यही वजह है कि आने वाले दो चार सालों में टाटा अपनी नैनो, इंडिका व सुमो का प्रोडक्शन बंद कर देगी। इसकी जानकारी देश के बड़े अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को टाटा मोटर्स के मार्केटिंग हेड, पैसेंजर वेहिकल बिजनेस विवेक श्रीवास्तव ने दी।
विवेक के मुताबिक अब टाटा सिर्फ दो प्लेटफॉर्म को बरकरार रखकर उस पर अलग-अलग मॉडल विकसित करेगी। जैसे-जैसे कंपनी नई कारों को पेश करती जाएगी पुरानी कारें उसी हिसाब से फेज आउट होती चली जाएंगी। नैनो के बंद होने से रतन टाटा के उस सपने को गहरी चोट जरूर लगेगी जिसके तहत वो भारत में लखटकिया कार का सपना लेकर आए थे। लेकिन इस कार को उतनी सफलता नहीं मिली जितनी उम्मीद की जा रही थी। इसकी सबसे बड़ी वजह थी कि इस कार का प्रोडक्शन कीमत पर काबू नहीं पा सका और यह कार दो लाख कीमत से भी ऊपर चली गई। टाटा मोटर्स अपनी नई कारों से जिस तरह से प्रगति कर रही है उसे देखकर अब कहीं से नहीं लग रहा है कि वह अब घाटे का कारोबार करने में विश्वास करेगी।