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सुप्रीम कोर्ट ने दी डीजल वाहनों के पंजीकरण की अनुमति, लेकिन यह है शर्त

Fri, 18 Sep 2020 02:21 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एनजीटी ने डीजल वाहनों के पंजीकरण की अनुमति देने से इनकार करने संबंधी आदेश पर पुनर्विचार के लिए एसपीजी का आवेदन खारिज कर दिया था। 
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supreme court - फोटो : For Reference Only
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने 1 अप्रैल से पहले खरीदे गए BS4 मानक वाले डीजल वाहनों के पंजीकरण की अनुमति दे दी है। यह अनुमति उन BS4 डीजल वाहनों के लिए दी गई है जिनका उपयोग नगर निगमों और दिल्ली पुलिस द्वारा आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं और सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं में किया जाना है। 
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सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि 1 अप्रैल, 2020 से पहले खरीदे जाने वाले और आवश्यक सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं के लिए उपयोग किए जाने वाले ऐसे डीजल वाहनों को BS4 मानदंडों के अनुसार पंजीकृत किया जाएगा और 1 अप्रैल 2020 के बाद खरीदे गए वाहनों को BS6 मानदंडों के अनुसार पंजीकृत किया जाएगा। 
 

हालांकि इससे पहले राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने एसपीजी के डीजल वाहनों के पंजीकरण की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद इस डीजल गाड़ियों के पंजीकरण की अनुमति के लिए विशेष सुरक्षा दल (एसपीजी) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब तलब किया था। 

न्यायमूर्ति रोहिंग्टन एफ. नरिमन की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने एसपीजी की याचिका पर केंद्र, दिल्ली सरकार, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और अन्य को नोटिस जारी किए थे। इन सभी को चार सप्ताह में जवाब देने के निर्देश दिए गए थे। 
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एसपीजी ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के 9 अक्तूबर, 2019 के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी। एनजीटी ने डीजल वाहनों के पंजीकरण की अनुमति देने से इनकार करने संबंधी आदेश पर पुनर्विचार के लिए एसपीजी का आवेदन खारिज कर दिया था। एनजीटी ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर यह अनुमति नहीं दी जा सकती। शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि दिल्ली में किसी भी नए डीजल वाहन का पंजीकरण नहीं होगा। 
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