दोपहिया दमकल वाहन की मदद से घनी बस्तियों और संकरी गलियों में फायर फाइटर्स जल्दी और आसानी से पहुंच सकेंगे। इसके अलावा वाहन का भारी ट्रैफिक जाम से निकल पर मौके पर पहुंचना भी आसान होगा। इससे दोपहिया दमकल वाहन आग लगने, आतंकी हमला, सड़क दुर्घटना, भूकंप और आपातकालीन स्थिति में तेजी से पहुंच कर अहम भूमिका निभा सकेंगे।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने दोपहिया दमकल वाहनों को बनाने, बदलाव और कार्य संबंधित अंतिम मसौदा तैयार कर लिया है। इसके तहत अब वाहन में आग को बुझाने के लिए जरूरी उपकरण दिए जाएंगे। इसके अलावा उन सभी उपायों पर गौर किया जाएगा, जिससे इन वाहनों को विषम परिस्थितियों से लड़ने के लिए एक बेहतर विकल्प बनाया जा सके।
- दोपहिया दमकल वाहन में एक किलो का एक अग्निशामक और आग बुझाने के लिए कैमिकल होगा।
- वाहन की अधिकतम रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
- इसमें घोषणा के लिए लाउड स्पीकर्स लगाए जाएंगे।
- वाहनों पर नीले रंग की इमरजेंसी लाइट लगी होगी।
- वाहन पर सायरन या हूटर लगा होगा।
- वाहन को खड़ा करने के लिए बीच में और साइड में दो स्टैंड दिए जाएंगे।
दोपहिया दमकल वाहन को पूरी तरह से हाईटेक बनाया जाएगा। इसके अलावा इसे चलाने वाले कर्मियों को पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी। माना जा रहा है कि इस वाहन को इस साल के अंत या फिर अगले साल की पहली तिमाही तक सड़कों पर उतार दिया जाएगा।