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Automobile Industry: आकार 19 फीसदी बढ़कर 10 लाख करोड़ हुआ, खूबियों वाली महंगी गाड़ियां पसंद कर रहे लोग

Thu, 20 Jun 2024 06:34 AM IST
विशांत श्रीवास्तव अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नई दिल्ली

सार

भारत में लगातार महंगी गाड़ियों की बढ़ती मांग के कारण घरेलू वाहन उद्योग के आकार में जबरदस्त इजाफा हुआ है। 2023-34 में यह 19 फीसदी बढ़कर 10.22 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है।


 
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Car Parking - फोटो : PTI
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विस्तार
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खूबियों से लैस महंगी गाड़ियों की मजबूत मांग से घरेलू वाहन उद्योग का आकार मूल्य के लिहाज से 2023-24 में 19 फीसदी बढ़कर 10.22 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। मात्रा के लिहाज से आकार में 10 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। प्राइमस पार्टनर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) के मजबूत प्रदर्शन से वाहन उद्योग में उछाल आया है। इन दोनों श्रेणी में बीते वित्त वर्ष के दौरान मात्रा में 23 फीसदी और कीमत में 16 फीसदी की वृद्धि रही, जिससे कुल मूल्य 39 फीसदी बढ़ गया। प्राइमस पार्टनर्स के प्रबंध निदेशक अनुराग सिंह ने कहा, भारतीय कम कीमत वाले उत्पादों को दरकिनार कर खूबियों से लैस ऊंची कीमत वाले वाहन पसंद कर रहे हैं।  

वाहन पंजीकरण में तीसरे स्थान पर भारत

 पंजीकृत वाहनों के मामले में चीन और अमेरिका के बाद भारत तीसरे स्थान पर है। भारत में वाहन की कीमत कई उन्नत देशों से कम है।

यात्री वाहनों में मामूली मूल्य वृद्धि

कम कीमत वाली गाड़ियों की कमजोर मांग से यात्री वाहन (पीवी) श्रेणी में मामूली मूल्य वृद्धि देखी गई। इससे पीवी श्रेणी में मात्रा के लिहाज से 9 फीसदी और मूल्य के हिसाब से चार फीसदी की गिरावट रही। दोपहिया वाहन श्रेणी में मात्रा में 10 फीसदी और मूल्य में 13 फीसदी की वृद्धि रही। जबकि तिपहिया वाहनों में क्रमशः 16 फीसदी व 24 फीसदी की तेजी रही।

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दो फीसदी तक महंगे होंगे वाणिज्यिक वाहन
टाटा मोटर्स के वाणिज्यिक वाहन एक जुलाई से दो फीसदी तक महंगे हो जाएंगे। इनमें बस से लेकर ट्रक तक शामिल हैं। कंपनी ने बुधवार को कहा, इनपुट लागत बढ़ने के कारण दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं। कीमतों में वृद्धि वाणिज्यिक वाहनों के सभी मॉडल पर लागू होगी। कंपनी ने इससे पहले उत्पादन लागत में वृद्धि के कारण अप्रैल में भी कीमतों में दो फीसदी की बढ़ोतरी की थी।

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