कंपनी ने एक बयान में कहा कि वह आईआईटी मद्रास की साझेदारी में अपने इंजीनियरों के लिए उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 'तकनीकी उच्च अध्ययन रूपरेखा' भी तैयार करेगी।
बयान मे बताया गया कि इस संबंध में कंपनी और आईआईटी मद्रास के बीच एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। एमओयू के तहत रोल्स रॉयस और आईआईटी मद्रास साथ मिलकर भविष्य के तकनीकी और कार्यक्रमों से संबंधित शोध को आगे बढ़ाएंगे।
रोल्स रॉयस इंडिया और साउथ एशिया के प्रेसिडेंट किशोर जयरमन ने कहा, "आईआईटी मद्रास के साथ सहयोग भारत में समान विचारधारा वाले सहयोगियों के साथ सहयोगी अनुसंधान कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के हमारे प्रयासों में एक और कदम है। हम उन क्षेत्रों की खोज करने के लिए तत्पर हैं, जहां हम तकनीकी समाधानों का मिलकर विकास कर सकते हैं।"
इस सहयोग के तहत, रोल्स रॉयस आईआईटी मद्रास के साथ साझेदारी में अपने तकनीकी उच्च अध्ययन ढांचे के हिस्से के रूप में, मास्टर्स और पीएचडी स्तर के अध्ययन को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक कर्मचारियों को प्रायोजित करेगा।
इस कार्यक्रम के लिए अर्हता प्राप्त करने के लिए, कर्मचारियों को पहले IIT मद्रास की चयन प्रक्रिया को पास करना होगा, और उनके विषय रोल्स-रॉयस रणनीतिक अनुसंधान प्राथमिकताओं और क्षमताओं के मुताबिक होने चाहिए।
यह कार्यक्रम बंगलूरू में रोल्स रॉयस इंजीनियरिंग सेंटर में सभी स्थायी कर्मचारियों के लिए खुला है, जिन्होंने कंपनी में काम करते हुए 36 महीने का वक्त पूरा कर लिया है।