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कोरोना का कहर: रेनो-निसान ने तमिलनाडु प्लांट किया बंद, मजदूरों ने दी थी हड़ताल की चेतावनी

Wed, 26 May 2021 12:33 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन में लगे सख्त प्रतिबंधों के बीच कर्मचारियों ने प्लांट में घुसने का विरोध किया। जिसके बाद रेनो-निसान प्रबंधन को प्लांट बंद करने पर मजबूर होना पड़ा। 
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Renault Car Plant - फोटो : Renault (For Representation Only)
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विस्तार
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फ्रांस की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी Renault (रेनो) और जापानी कार निर्माता Nissan Motor (निसान मोटर) ने अपने तमिलनाडु स्थित प्लांट में उत्पादन के काम पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। कोविड-19 महामारी को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन में लगे सख्त प्रतिबंधों के बीच कर्मचारियों ने प्लांट में घुसने का विरोध किया। जिसके बाद वाहन निर्माता प्रबंधन को प्लांट बंद करने पर मजबूर होना पड़ा। 
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चेन्नई के पास स्थित रेनो-निसान प्लांट अब इस हफ्ते के आखिर (30 मई) तक बंद रहेगा। राज्य सरकार अगले हफ्ते से अनलॉक की प्रक्रिया शुरू करने पर विचार कर सकती है क्योंकि राज्यभर में कोविड-19 मामले कम होने लगे हैं।

इसी प्लांट में कार निर्माता अपने प्रमुख वाहनों जैसे निसान मैग्नाइट और रेनो काइगर एसयूवी का उत्पादन करते हैं। 

दोनों ऑटो निर्माताओं ने यह निर्णय ऐसे समय में लिया है जब उन्हें महामारी के बीच सुरक्षा चिंताओं को लेकर मजदूर यूनियन द्वारा हड़ताल की धमकी दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक रेनो-निसान इंडिया के मुख्य कार्यकारी बीजू बालेंद्रन ने कंपनी के कर्मचारियों को एक ईमेल भेजा है। इस ईमेल में कहा गया है कि बढ़ते कोविड-19 मामलों के बीच सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्लांट 26 मई से 30 मई तक बंद रहेगा।

बालेंद्रन ने कर्मचारियों के साथ साझा किए गए ई-मेल में लिखा, "हम चेन्नई और तमिलनाडु में स्थिति की बारीकी से निगरानी करना जारी रखेंगे और प्लांट के फिर से शुरू होने की जानकारी के साथ जल्द ही आपसे संपर्क करेंगे।" 

इससे पहले, रेनो-निसान की तमिलनाडु प्लांट में मजदूर यूनियन ने उनकी कोविड से संबंधित सुरक्षा मांगों को पूरा नहीं करने पर बुधवार से हड़ताल की चेतावनी दी थी। मजदूरों ने वाहन निर्माता प्रबंधन से सोशल डिस्टेंसिंग के बेहतर उपाय, टीकाकरण और अपने परिवारों के लिए चिकित्सा खर्च को शामिल करने के लिए उच्च बीमा कवर की मांग की थी। 

रिपोर्ट के मुताबिक हालांकि निसान ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन बालेंद्रन के ईमेल में कहा गया है कि कंपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मजदूर यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा, "इसमें इस बात पर सावधानीपूर्वक विचार करना शामिल होगा कि हमें किन अतिरिक्त उपायों को लागू करने की जरूरत हो सकती है। इसके अलावा मौजूदा उपायों का ऑडिट भी होगा।"
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इस प्लांट में इस समय दोनों वाहन निर्माताओं के लिए एक साथ कारों का निर्माण करने वाले 8,000 से अधिक कर्मचारी हैं। इस प्लांट में अब तक चार मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि इस साल 400 से ज्यादा कर्मचारी कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं। 

इस हफ्ते की शुरुआत में, ह्यूंदै ने भी अपने तमिलनाडु प्लांट में 30 मई तक के लिए अपने उत्पादन के कामकाज को रोक दिया था। क्योंकि वाहन निर्माता को बढ़ते कोविड-19 मामलों के बीच कई मजदूरों के विरोध का सामना करना पड़ा था। ह्यूंदै ने कहा कि अपने कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियात के तौर पर प्लांट बंद करने का निर्णय लिया गया।
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