संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट बिल पहले ही लोकसभा में पास हो चुका है, वहीं जल्द ही इसे राज्यसभा में भी पेश किया जा सकता है, जिसके पश्चात यह कानून का रूप ले लेगा। इस एक्ट की सबसे बड़ी खास बात यह है कि इसमें रजिस्ट्रेशन और ड्राइविंग लाइसेंस में आधार कार्ड को लिंक करना जरूरी होगा। हम बता रहे हैं कि अपने आधार कार्ड को किस तरह से ड्राइविंग लाइसेंस से लिंक किया जाए।
आधार कार्ड नागरिक होने का सबूत तो नहीं है, लेकिन आपकी पहचान और पते का पुख्ता सबूत है। देश में रहने वाला कोई भी व्यक्ति आधार के लिए अप्लाई कर सकता है, यहां तक कि नवजात शिशु का भी आधार कार्ड बनवाया जा सकता है। अपने नजदीकी एनरोलमेंट सेंटर पर जाकर आधार कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया जा सकता है।
वहीं अगर आप सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसके लिए आधार नंबर होना जरूरी है। सरकार की योजनाएं सभी व्यक्ति तक पहुंचें इसके लिए सरकार ने आधार को कई योजनाओं से जोड़ा है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए आधार कार्ड जरूरी कर दिया गया है। वहीं अब सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से लिंक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि अभी के मौजूदा मोटर व्हीकल नियमों में ड्राइविंग लाइसेंस में आधार जोड़ना जरूरी नहीं है, लेकिन जब भी नए संशोधन नियम लागू होंगे, उनमें यह अनिवार्य हो सकता है।
सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की तरह से ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया जाता है, और सरकार ने देश के नागरिकों को कुछ स्टेप्स के जरिए आधार के साथ जोड़ने का विकल्प दिया है। अगल आप अपने ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से लिंक करना चाहते हैं, तो आपको निम्न स्टेप्स फॉलो करने होंगे।
ड्राइविंग लाइसेस को आधार से लिंक करने के कई फायदे हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गैर कानूनी लाइसेंस पर रोक लगेगी। कई लोग एक से ज्यादा ड्राइविंग लाइसेंस रखते हैं, वहीं कानून के मुताबिक एक व्यक्ति केवल एक ही लाइसेंस रख सकता है। साथ ही, नियम लागू होने के बाद सरकार एक अवधि तय करेगी, जिसके भीतर ही लाइसेंस को आधार से लिंक करना होगा। अगर तय अवधि में लाइलेंस को आधार से लिंक नहीं करते हैं, तो लाइसेंस ऑटोमैटिकली ब्लॉक हो जाएगा। वहीं इससे फेक ड्राइविंग लाइसेंस रखने का वालों का बेहद आसानी से पता लगाया जा सकेगा। किसी हादसे या वाहन चोरी होने की स्थिति में भी लाइसेंस होल्डर का पता लगाया जा सकेगा।
एक सवाल लोगों के जहन में उठता है कि क्या फिलहाल ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से लिंक करना जरूरी है। इसका जवाब है कि फिलहाल तो यह स्वैच्छिक है, लेकिन राज्यसभा में संशोधित मोटर बिल पास होने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा, जिसके बाद यह कानून की शक्ल लेगा। वहीं इसके बाद सरकार ड्राइविंग लाइसेंस से आधार को लिंक करना अनिवार्य बना सकती है। हालांकि इसके लिए सरकार 6 महीने तक का वक्त दे सकती है।
आप आधार कार्ड में निजी जानकारियां भी आसानी से बदल सकते हैं। UIDAI ने इस प्रक्रिया को बेहद आसान बना दिया है। इसके लिए आपको UIDAI की वेबसाइट पर जाकर जरूरी डॉक्यूमेंट्स उपलब्ध कराने होंगे और आपके रजिस्टर्ड नंबर पर एक ओटीपी आएगा। वहीं कुछ बदलावों के लिए फीस भी चुकानी पड़ेगी। अपडेट होने के बाद आपके रजिस्टर्ड अड्रेस पर नया आधार कार्ड डिलीवर हो जाएगा, इसके लिए आपको एसएमएस या ईमेल से भी सूचित किया जाएगा।
वहीं इस बात का ध्यान रखें आधार में अपडेट करने की सीमा है। एक बार में आप केवल चार ही अपडेट कर सकते हैं। अगर आपने चार से ज्यादा अपडेट करने की कोशिश की, तो आपकी रिक्वेस्ट ऑटोमैटिकली रिजेक्ट हो जाएगी।