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प्रधानमंत्री कार्यालय में लगे सबसे ज्यादा चार्जिंग स्टेशंस, संसद भवन में हैं केवल सात

Tue, 09 Jul 2019 01:03 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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PMO South Block - फोटो : Youtube
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केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय भी इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा देने की तैयारियों में जुट गया है। सरकार प्रधानमंत्री कार्यालय समेत दूसरे कई दफ्तरों में इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिये चार्जिंग स्टेशन लगा रही है।

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15 चार्जिंग स्टेशन

electric car indian govt - फोटो : Twitter
सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय में 15 चार्जिंग स्टेशन लगाए हैं और अफसरों को साउथ ब्लॉक या घर छोड़ने के बाद कारों को साउथ ब्लॉक गेट के पास पार्किंग स्पेस में लगे चार्जिंग स्टेशंस में चार्ज किया जाएगा, ताकि अगले दिन के लिए कारें इस्तेमाल की जा सकें। प्रधानमंत्री कार्यालय में सबसे ज्यादा चार्जिंग स्टेशन लगाने की मुख्य वजह है कि वह सभी मंत्रालयों के समक्ष एक उदाहरण पेश करना चाहता है। साथ ही, प्रधानमंत्री की भी इच्छा है कि उनके काफिले में ज्यादातर इलेक्ट्रिक कारें हों।
 

राष्ट्रपति भवन में चार चार्जिंग स्टेशन

अन्य मंत्रालयों और विभागों के मुकाबले प्रधानमंत्री कार्यालय में सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन हैं, इसके बाद नीति आयोग और वित्त मंत्रालय का नंबर है, यहां पर 10 चार्जिंग स्टेशंस हैं। वहीं संसद भवन में सात, ऊर्जा मंत्रालय में पांच, पर्यावरण मंत्रालय में पांच, राष्ट्रपति भवन में चार, विदेश मंत्रालय में 3 और दिल्ली स्थित गुजरात भवन में दो चार्जिंग स्टेशन हैं।
 

10 हजार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदेगी सरकार

electric car indian govt-1 - फोटो : सांकेतिक
सरकार की योजना 10 हजार इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की है, जिसके चलते एनर्जी एफिशिअंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ये चार्जिंग स्टेशंस लगा रहा है। लेकिन इन चार्जिंग स्टेशंस पर केवल सरकारी इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज किया जा सकता है। इसके लिये बिल्डिंग्स के बाहर और अंदर चार्जिंग स्टेशंस लगाये जा रहे हैं।
 

पर्यावरण मंत्रालय में पांच कारें

Environment Ministry Electric Cars-4 - फोटो : Twitter
इससे पहले केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने प्रदूषण कम करने की दिशा में कदम उठाते हुए इलेक्ट्रिक कारें इस्तेमाल करने का फैसला करते हुए ट्रायल के लिए पांच कारें मंगायी हैं और इनमें से तीन कारों को अधिकारियों को आवंटित कर दिया गया है। इन कारों के लिए मंत्रालय परिसर में ही चार्जिंग सुविधा दी गई है।
 

जीएसटी की दरें 12 प्रतिशत के घटा कर पांच प्रतिशत

पांच जुलाई को संसद में पेश बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एलान किया था कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी की दरें 12 प्रतिशत के घटा कर पांच प्रतिशत कर दी गई हैं। साथ ही, सरकार के इस फैसले के बाद इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमतों में गिरावट आएगी। इसके अलावा इलेक्ट्रिक कारों के लिए खरीदे जाने वाले लोन की ब्याज दरों पर इनकम टैक्स में डेढ़ लाख रुपये तक की छूट मिलेगी।          
 

फेम-टू योजना के तहत सब्सिडी

वित्त मंत्री ने ऐलान किया था कहा कि सरकार पहले ही अप्रैल 2019 से लागू फेम-टू योजना के तहत इलेक्ट्रिक कारों की खरीद पर सब्सिडी दे रही है। इसके लिए सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये राशि जारी की है। ताकि इलेक्ट्रिक कारों की खरीद पर इंसेटिव देने के साथ पूरे देश में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का नेटवर्क बनाया जा सके।
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दिल्ली एनसीआर में 20 चार्जिंग स्टेशंस

इस समय दिल्ली एनसीआर में आम जनता के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए 20 चार्जिंग स्टेशंस हैं। साथ ही, सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिये पहले दो हाईवे कॉरिडोर अगले साल मार्च 2020 तक चालू करने की योजना पर काम कर रही है। इन कॉरिडोर्स में बैटरी चार्जिंग की सुविधा मिलेगी। यह कॉरिडोर दिल्ली-जयपुर और दिल्ली-आगरा हाईवे पर बनेगा।   
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