फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रदूषण: बड़ी गाड़ियों से पैदा हो रही 100 करोड़ टन ज्यादा कार्बन डाईऑक्साइड, रिकॉर्ड स्तर पर SUV की बिक्री

Fri, 07 Jun 2024 05:32 AM IST
निर्मल कांत अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।

सार

Pollution: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के नवीनतम विश्लेषण से पता चला है कि दुनिया में बड़ी और भारी गाड़ियां ज्यादा लोकप्रिय हो रही हैं। विकसित देशों में पिछले वर्ष एसयूवी की बिक्री करीब दो करोड़ पार कर गई।
विज्ञापन
Kia EV3 Electric SUV - फोटो : Kia India
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

2023 में दुनिया भर की सड़कों पर 36 करोड़ से ज्यादा एसयूवी दौड़ रहीं थीं। इनकी वजह से 100 करोड़ टन से ज्यादा कार्बन डाईऑक्साइड (सीओ2) उत्सर्जित हुई थी। दुनिया बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंतित है वहीं एसयूवी गाड़ियों की बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। आंकड़ों के अनुसार 2023 में वैश्विक स्तर पर जितनी कारें बेची गई उनमें एसयूवी की हिस्सेदारी 48 फीसदी रही।

विज्ञापन


यह अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के नवीनतम विश्लेषण से पता चला है कि दुनिया में बड़ी और भारी गाड़ियां ज्यादा लोकप्रिय हो रही हैं। विकसित देशों में पिछले वर्ष एसयूवी की बिक्री करीब दो करोड़ पार कर गई। यह पहला मौका है जब इन देशों में एसयूवी कारों ने कार बाजार पर 50 फीसदी से ज्यादा की पकड़ बना ली। ऐसी ही स्थिति विकासशील देशों की भी हैं, जहां इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। दुनियाभर में आज हर चौथी कार एसयूवी है, जिनमें सिर्फ 5 % एसयूवी इलेक्ट्रिक हैं।

भविष्य में बढ़ेंगे इलेक्ट्रिक वाहन : 2023 में पेट्रोल, डीजल से चलने वाली तीन करोड़ एसयूवी का इजाफा हुआ है जो आज सड़कों पर दौड़ रहीं कुल इलेक्ट्रिक कारों के बराबर हैं। वहीं दूसरी ओर 2023 में दुनिया भर इलेक्ट्रिक कारों के 500 से ज्यादा मॉडल उपलब्ध थे। इनमें से 60 फीसदी एसयूवी श्रेणी में आते हैं। इससे संकेत मिलता है कि भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माता एसयूवी के कहीं ज्यादा इलेक्ट्रिक मॉडल पेश करने की योजना बना रहे हैं।
विज्ञापन


सामान्य कारों से 20 फीसदी ज्यादा प्रदूषण
विशेषज्ञों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल एसयूवी कारों से बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय है।  इन कारों की संख्या में इजाफे के साथ प्रदूषण भी तेजी से बढ़ रहा है। यह बढ़ता उत्सर्जन स्वास्थ्य के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के दृष्टिकोण से भी एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।  एसयूवी का औसत वजन एक मध्यम आकार की कार से 200 से 300 किलोग्राम ज्यादा होता है। इसी तरह यह अन्य कारों से करीब 0.3 वर्ग मीटर ज्यादा जगह घेरती हैं। आईईए के अनुसार  एसयूवी सामान्य कारों के मुकाबले लगभग 20 फीसदी अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करती हैं।

हर दिन पहले से छह लाख बैरल अधिक तेल का इस्तेमाल
आईईए का विश्लेषण कहता है कि इन भारी और ज्यादा ईंधन खर्च करने वाली कारों के लिए पहले से कहीं ज्यादा तेल और बिजली की आवश्यकता होगी। साथ ही इनकी आवश्यकता के अनुरूप बैटरी के निर्माण के लिए धातु और खनिजों की भी कहीं ज्यादा आवश्यकता पड़ेगी। 2022-2023 से जुड़े रुझानों के अनुसार दुनिया में सिर्फ एसयूवी के लिए हर दिन पहले से छह लाख बैरल अधिक तेल का इस्तेमाल किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें