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पेट्रोल और डीजल भूल जाएं!: अपनी पुरानी कार को बनाएं इलेक्ट्रिक, सिर्फ 74 रुपये में चलेगी 100 किमी

Wed, 22 Sep 2021 04:50 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अगर एक नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने की योजना आपके बजट में फिट नहीं बैठती है, तो आप अपनी पुरानी पेट्रोल या डीजल कार को इलेक्ट्रिक कार में बदलवा सकते हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि इसमें कितना खर्च आएगा और कार कितना चलेगी।
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Electric Car - फोटो : Unsplash
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विस्तार
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Petrol To Electric Car Conversion : एक ओर जहां आम आदमी पहले से महंगाई की मार झेल रहा है, वहीं पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों ने उसका घुमना-फिरना भी मुहाल कर दिया है। ऐसे में लोग अपने पेट्रोल और डीजल के वाहनों को घर से बाहर निकालने से पहले कई बार सोचते हैं। इसके साथ ही लोग इलेक्ट्रिक वाहनों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) की बढ़ती मांग को देखते हुए कई नई विदेशी कंपनियां भी भारत में एंट्री कर रही हैं। 
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देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स का कहना है कि साल 2025 तक उसकी कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 25 फीसदी तक पहुंच जाएगी। हालांकि मध्यवर्गीय उपभोक्ताओं के लिए इलेक्ट्रिक कार खरीदना अभी भी काफी महंगा सौदा है। देश में सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार टाटा नेक्सन ईवी की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 14 लाख रुपये है। 

पुरानी पेट्रोल और डीजल कार को इलेक्ट्रिक कार बनाएं
ऐसे में अगर एक नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने की योजना आपके बजट में फिट नहीं बैठती है, तो आप अपनी पुरानी पेट्रोल या डीजल कार को इलेक्ट्रिक कार में बदलवा सकते हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल पार्ट्स बनाने वाली कई कंपनियां पुरानी पेट्रोल-डीजल कारों को इलेक्ट्रिक कार में कन्वर्ट करने का काम कर रही हैं। इसके साथ ही वे कन्वर्ट की गई इलेक्ट्रिक कार पर वारंटी भी देती हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं इस काम में कितना खर्च होगा और इलेक्ट्रिक कार में कितनी ड्राइविंग रेंज मिलेगी। इसके साथ पेट्रोल कार की तुलना में इलेक्ट्रिक कार इस्तेमाल करने पर रोजाना कितना खर्च आएगा और कितने समय में यह पैसा वसूल हो जाएगा। 
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कौन-कौन सी कार हो जाएगी कन्वर्ट

Electric Car - फोटो : Unsplash
पुरानी पेट्रोल या डीजल कार को इलेक्ट्रिक कार में बदलने का काम करने वाली अधिकतर कंपनियां हैदराबाद में हैं। इनमें Etrio (ईट्रायो) और Northwayms (नॉर्थवेएमएस) दो मशहूर कंपनियां हैं। यह दोनों कंपनियां किसी भी पेट्रोल या डीजल कार को इलेक्ट्रिक कार में बदल देती हैं। आप वैगनआर, ऑल्टो, डिजायर, i10, स्पार्क या अन्य किसी भी पेट्रोल या डीजल कार को इलेक्ट्रिक कार में बदलवा सकते हैं। कारों में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रिक किट लगभग एक जैसी होती हैं। हालांकि रेंज और पावर बढ़ाने के लिए बैटरी और मोटर में अंतर आ सकता है। इन कंपनियों से आप इनकी आधिकारिक वेबसाइट के जरिए संपर्क कर सकते हैं। यह कंपनियां इलेक्ट्रिक कार बेचती भी हैं। 

कितना होगा खर्च

Electric Car - फोटो : Unsplash
किसी भी कार को इलेक्ट्रिक कार में बदलने के लिए मोटर, कंट्रोलर, रोलर और बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। किसी कार को इलेक्ट्रिक में कन्वर्ट कराने का खर्च इस पर निर्भर करता है कि उसमें कितने किलोवॉट (kW) की बैटरी और कितने किलोवॉट का मोटर लगवाना है। क्योंकि इन दोनों पार्ट्स पर कार की पावर और ड्राइविंग रेंज निर्भर होती हैं। उदाहरण के लिए, अगर कार में लगभग 20 किलोवॉट की इलेक्ट्रिक मोटर और 12 किलोवॉट की लिथियम आयन (Li-ion) बैटरी लगवाएंगे तो इसका खर्च करीब 4 लाख रुपये तक होता है। वहीं, अगर 22 किलोवॉट की बैटरी लगवाएंगे, तो इसका खर्च करीब 5 लाख रुपये होगा। 

कितनी मिलेगी ड्राइविंग रेंज

Electric Car - फोटो : Unsplash
किसी इलेक्ट्रिक कार की ड्राइविंग रेंज कितनी होगी यह इस पर निर्भर होती है कि उसमें कितने किलोवॉट की बैटरी का इस्तेमाल किया गया है। जैसे कार में 12 किलोवॉट की लिथियम आयन बैटरी लगाई गई है तो ये फुल चार्ज होने पर करीब 70 किमी तक चलेगी। वहीं, अगर 22 किलोवॉट की लिथियम आयन बैटरी लगाई गई है कार की ड्राइविंग रेंज बढ़कर 150 किमी तक हो जाएगी। हालांकि, रेंज कम या ज्यादा होने में मोटर की भूमिका भी होती है। अगर मोटर ज्यादा पावरफुल होगी तो कार की ड्राइविंग रेंज कम हो जाएगी। 

कैसे कन्वर्ट होती है कार

Electric car charging - फोटो : For Representation Only
जब किसी पेट्रोल-डीजल की कार को इलेक्ट्रिक कार में बदला जाता है तो सभी पुराने मैकेनिकल पार्ट्स को बदला जाता है। यानी कार के इंजन, फ्यूल टैंक, इंजन तक पावर पहुंचाने वाली केबल और दूसरे पार्ट्स के साथ एयरकंडीशन के कनेक्शन को भी बदला जाता है। इन सभी पार्ट्स को इलेक्ट्रिक पार्ट्स जैसे मोटर, कंट्रोलर, रोलर, बैटरी और चार्जर से बदला जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक इस कार्य को करने में कम से कम सात दिनों का समय लग जाता है। सभी पार्ट्स कार के बोनट के नीचे ही लगाए जाते हैं। वहीं, बैटरी की लेयर कार की चेसिस पर फिक्स की जाती है। बूट स्पेस पूरी तरह खाली रहता है। इसी तरह फ्यूल टैंक को हटाकर उसकी कैप पर चार्जिंग पॉइंट लगाया जाता है। कार के मॉडल में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाता है। 

कार चलाने का खर्च

electric car (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : For Representation Only
आपको अपनी पेट्रोल या डीजल कार को इलेक्ट्रिक कार में कंवर्ट कराने के लिए 5 लाख रुपये खर्च करने होंगे। मगर ये पैसा आप 5 साल से कम समय में वसूल कर लेंगे। इलेक्ट्रिक कार 75 किमी तक की रेंज देती है। इस तरह चार्जिंग पर आपको सिर्फ 1120 रुपये हर महीने खर्च करने होंगे। जबकि पेट्रोल पर मासिक खर्च 10090 रुपये होता है।

एक किमी पर खर्च
इलेक्ट्रिक कार में एक किमी पर सिर्फ 74 पैसे खर्च होते हैं। इस तरह आप 74 रुपये में 100 किमी का सफर कर सकते हैं। जबकि आज के समय में प्रति लीटर पेट्रोल 74 रुपये से कहीं ज्यादा महंगा है। 
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कंपनी देती है वारंटी

Electric Vehicle Charging Station - फोटो : For Representation Only
पेट्रोल या डीजल कार को इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनियां 5 साल की वारंटी भी देती हैं। यानी कार में इस्तेमाल की गई किट पर कोई अतिरिक्त खर्च नहीं होगा। इसके साथ ही कंपनी बैटरी पर भी 5 साल की वारंटी देती है। बता दें कि पेट्रोल और डीजल कार चलाने पर सालाना सर्विसिंग का खर्च भी होता है। कंपनी किट और सभी पार्ट्स का वारंटी सर्टिफिकेट भी देती हैं। इसे सरकार और RTO से मंजूरी मिली हुई है। 
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