मोबाइल एप आधारित टैक्सी सर्विस देने वाली कंपनी Ola (ओला) ने तमिलनाडु में अपने दोपहिया प्लांट का निर्माण शुरू कर दिया है। मुंबई स्थित मोबिलिटी कंपनी ओला ने दिसंबर 2020 में घोषणा की थी कि वह भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर्स का उत्पादन करेगी। इसके लिए कंपनी ने दिसंबर में तमिलनाडु सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर दस्तख्त किए थे। यह दुनिया का सबसे बड़ा दोपहिया कारखाना होगा और 500 एकड़ की जमीन पर बनाया जाएगा। कंपनी ने इसके लिए जनवरी 2021 में भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो पाया। ओला ने एलान किया है कि प्लांट का निर्माण जोर-शोर से शुरू हो गया है और अगले कुछ महीनों में कारखाना का पहला चरण चालू हो जाएगा। यहां जानिए ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर और मेगा फैक्ट्री के बारे में अहम बातें।
ओला ई-स्कूटर
Etergo Appscooter
- फोटो : Etergo
ओला कैब्स ने मई 2020 में नीदरलैंड स्थित इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी Etergo का अधिग्रहण किया था। आने वाली Ola इलेक्ट्रिक स्कूटर Etergo AppScooter पर आधारित होने की उम्मीद है। इसमें एक स्वैपेबल हाई-एनर्जी-डेंसिटी बैटरी पैक मिलता है और कंपनी के दावे के मुताबिक यह फुल चार्जिंग पर 240 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। Etergo AppScooter सिर्फ 3.9 सेकंड में 0 से 45 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकता है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में सीट के नीचे 50 लीटर की स्टोरेज क्षमता मिलती है।
एक करोड़ से अधिक मानव-घंटे
ओला का दावा है कि यह प्लांट जल्द चालू हो जाएगा और कुछ महीनों के भीतर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर का उत्पादन शुरू हो जाएगा। कंपनी यह भी दावा करती है कि कारखाने को रिकॉर्ड समय में चालू करने के लिए 10 मिलियन (एक करोड़) से ज्यादा मानव-घंटे (मैन आवर्स) की योजना बनाई गई है।
20 लाख यूनिट का शुरुआती उत्पादन
कंपनी के मुताबिक ओला का टू-व्हीलर प्लांट पहले चरण में प्रति वर्ष 20 लाख यूनिट तैयार करेगा। पहले चरण में यह प्लांट ओला के ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर काम करेगा जहां इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की एक बड़ी रेंज का उत्पादन किया जाएगा। इलेक्ट्रिक स्कूटर को न सिर्फ भारत में बेचा जाएगा बल्कि यूरोप, ब्रिटेन, लैटिन अमेरिका, एशिया प्रशांत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे बाजारों में निर्यात भी किया जाएगा।
10,000 लोगों को नौकरी
ओला का दावा है कि इंडस्ट्री 4.0 टेक्नोलॉजी को अपनाए जाने के बावजूद, इस मेगा फैक्ट्री में 10,000 नौकरियां पैदा होगी। कंपनी का यह भी दावा है कि यह प्लांट स्थिरता को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है। कंपनी ने इस बात पर जोर दिया है कि पेड़ों को काटा नहीं जाएगा। परिसर के भीतर एक बड़ा वन क्षेत्र होगा। साथ ही खुदाई की गई मिट्टी और चट्टानों को फिर इस्तेमाल करने की योजना है।
ऑटोमैटिक फैक्ट्री
ओला इलेक्ट्रिक दोपहिया प्लांट को भारत में सबसे ज्यादा ऑटोमैटिक होने का दावा किया जा रहा है। ओला का कहना है कि प्लांट को ओला के अपने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) इंजन और टेक स्टैक द्वारा संचालित किया जाएगा जो सभी कारखाने के संचालन में गहराई से इंटीग्रेटेड होगा। फैक्ट्री पूरी तरह चालू होने पर फैक्ट्री में 5,000 रोबोट और ऑटोमेटेड गाइडेड व्हीकल्स (स्वचालित निर्देशित वाहनों) से काम लिए जाने का दावा किया जा रहा है।