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अब अपनी गाड़ी में भरवाएं BS-6 पेट्रोल-डीजल, इन शहरों में उपलब्ध है स्वच्छ ईंधन

Sat, 20 Jul 2019 02:20 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला
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पेट्रोल पंप - फोटो : PTI
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वायु प्रदूषण से जूझ रही दिल्ली के लिए अच्छी खबर है। देश में बीएस-6 उत्सर्जन मानक वाले ग्रीन फ्यूल पेट्रोल और डीजल की बिक्री शुरू हो गई है। दिल्ली-एनसीआर के 60 फीसदी हिस्से हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ जिलों में बीएस-6 ईंधन की बिक्री हो रही है। वहीं 01 अप्रैल, 2020 की डेडलाइन से पहले ही अक्टूबर तक 80 फीसदी क्षेत्रों में बिकने लगेगा।

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केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने दिया था आदेश

इंडियन ऑयल का कहना है कि राजस्थान के चार जिले, उत्तर प्रदेश के आठ जिले, जिनमें आगरा भी शामिल है, इनमें बीएस-6 उत्सर्जन मानक वाला ईंधन मिलना शुरू हो गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने दो साल पहले इस संबंध में आदेश दिया था। नवंबर 2017 में राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर नाराजगी जताते हुए केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 01 अप्रैल 2018 से ही बीएस-6 ईंधन की सप्लाई का आदेश जारी किया था। जबकि पूरे देश में 01 अप्रैल 2020 से ही बीएस-6 ईंधन की सप्लाई होनी है, लेकिन दो साल पहले ही यहां लागू करने के आदेश जारी किए थे।
 

बागपत, हापुड़, बुलंदशहर, शामली और आगरा में है उपलब्ध

वहीं अब बीएस-6 ईंधन हरियाणा में सोनीपत और बहादुरगढ़ के अलावा राजस्थान के अलवर, भरतपुर, करौली, धौलपुर जिलों में भी उपलब्ध है। वहीं उत्तर प्रदेश में मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, नोएडा, बागपत, हापुड़, बुलंदशहर, शामली और आगरा में नए मानक वाला ईंधन मिल रहा है।
 

इन शहरों में अक्टूबर से मिलेगा

इसके अलावा फरीदाबाद, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, पलवल और नुंह में अक्टूबर से बीएस-6 ईंधन मिलना शुरू हो जाएगा। वहीं भिवानी, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, जींद, करनाल में देश के बाकी हिस्सों के साथ अगले साल अप्रैल से बीएस-6 ईंधन मिलना शुरू होगा।
 

दिल्ली-एनसीआर की 10 फीसदी हिस्सेदारी

दिल्ली-एनसीआर की देश में होने वाली कुल खपत का 10 फीसदी की हिस्सेदारी है। यहां हर साल 1,05,000 टन पेट्रोल और 310,000 डीजल की खपत होती है। वहीं ईंधन की गुणवत्ता में सुधान होने से दिल्ली की आबोहवा में भी सुधार होगा।
 

पार्टिकुलेट मैटर 10 में गिरावट

सरकार ने पिछले हफ्ते संसद में बयान दिया था कि दिल्ली में प्रदूषण के सबसे बड़े कारक पीएम-10 यानी पार्टिकुलेट मैटर के कणों में गिरावट आई है और हवा साफ-सुथरी हुई है। बीएस-6 ईंधन में 10 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलिग्राम) सल्फर होता है, जबकि बीएस-4 ईंधन में 50 पीपीएम सल्फर होता है। वहीं बीएस-4 में 0.005 ग्राम प्रति लीटर लेड मिलता है, वहीं बीएस-6 में यह मानक 0.001 ग्राम प्रति लीटर है। इससे पहले पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राज्यसभा में कहा था कि दिल्ली में बीएस-6 मानक वाले पेट्रोल-डीजल की बिक्री शुरू हो गई है, और पेट्रोल पंप पर रेगुलर बीएस-4 और बीएस-6 ईंधन के दाम एक ही हैं।
 
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बढ़ सकती हैं कीमतें

इससे पहले रिपोर्ट्स आई थीं कि बीएस-6 ईंधन की कीमत ज्यादा हो सकती है, क्योंकि इसकी रिफाइनिंग लागत भी ज्यादा है। कंपनियों को कहना है कि बीएस-6 मानकों को अनुरूप तेल बेचने के लिये उन्हें अपनी मशीनरी को अपग्रेड करना पड़ेगा, जिसके चलते उन्हें भारी निवेश की आवश्यकता पड़ेगी।
 
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