फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नई गाड़ी खरीदते समय कार कंपनियों के झांसे में नहीं फंसेंगे ग्राहक, IRDAI बदल रही है यह नियम!

Mon, 25 Jan 2021 04:49 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मौजूदा व्यवस्था में अगर कोई ग्राहक डीलर से पहली बार वाहन खरीदता है तो बीमा प्रीमियम को लेकर कोई पारदर्शिता नहीं है। फिलहाल ग्राहक गाड़ी का पेमेंट चेक से करता है, जिसमें वाहन की लागत और बीमा प्रीमियम का भुगतान शामिल होता है...
विज्ञापन
Maruti car Showroom - फोटो : For Refernce Only
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

2019 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) में मारुति सुजुकी के खिलाफ दी एक शिकायत में आरोप लगाया था कि कंपनी ग्राहकों को कार बेचते समय बीमा योजनाएं सुझाती है, जिससे जिससे ग्राहकों को बाजार में उपलब्ध विकल्पों की तुलना में ज्यादा प्रीमियम चुकाना पड़ रहा है। आयोग की जांच में इस शिकायत को सही पाया गया था। वहीं अब IRDAI ने प्रस्ताव पेश किया है कि नया वाहन खरीदते समय ग्राहक अलग से चेक दे, जिसमें बीमा प्रीमियम की राशि लिखी होगी।

विज्ञापन

इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI की तरफ से गठित एक समिति ने मोटर इंश्योरेंस सर्विस प्रोवाइडर (MISP) के दिशानिर्देशों की समीक्षा का प्रस्ताव पेश किया है। 2017 में इरडा ने MISP गाइडलाइंस को लागू किया था, जिसका उद्देश्य बीमा अधिनियम 1983 के तहत डीलर्स के जरिए गाड़ियों के इंश्योंरेस बिक्री को सिस्टम में लाना और इस प्रक्रिया को सरल बनाना था।

वहीं जून 2019 में इरडा ने MISP की गाइडलाइंस की समीक्षा करने के लिए एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट इरडा को सौंपी है, जिसमें कमेटी ने कई सुझाव दिए हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण सुझाव यह है कि मौजूदा व्यवस्था में अगर कोई ग्राहक डीलर से पहली बार वाहन खरीदता है तो बीमा प्रीमियम को लेकर कोई पारदर्शिता नहीं है। फिलहाल ग्राहक गाड़ी का पेमेंट चेक से करता है, जिसमें वाहन की लागत और बीमा प्रीमियम का भुगतान शामिल होता है। लेकिन ग्राहक को पता ही नहीं होता है कि बीमा प्रीमियम कितना है।
विज्ञापन

समिति का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था पारदर्शी न होने की वजह से ग्राहकों के हित में नहीं है, क्योंकि ग्राहक को इंश्योरेंस की असली कीमत पता ही नहीं पाती है, जिसके चलते वह अन्य कंपनियों से बीमा प्रीमियम का कंपैरिजन भी नहीं कर पाता है। न तो ग्राहक को अन्य विकल्प उपलब्ध हो पाते हैं और न ही उसे कोई डिस्काउंट मिलता है। समिति का कहना है कि नई कार खरीदते समय गाड़ी की रकम का भुगतान अलग चेक से और इंश्योरेंस प्रीमियम का भुगतान अलग चेक के जरिये किया जाए। अगर इरडा समिति की सिफारिशों को मान लेती है, तो नई व्यवस्था के तहत प्रीमियम का अलग से भुगतान करना पड़ेगा।

इससे पहले सीसीआई को जून 2019 में एक डीलर ने शिकायत की थी जिसमें मारुति सुजुकी पर कार बेचते समय बीमा योजनाएं सुझाने का आरोप लगाया गया था, जिससे ग्राहकों को बाजार में उपलब्ध विकल्पों की तुलना में ज्यादा प्रीमियम चुकाना पड़ रहा है। सीसीआी ने मामले की जांच की थी और जांच टीम ने हाल ही में मामले की रिपोर्ट आयोग को सौंपी थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि मारुति सुजुकी ने डीलरों के बीच प्रतियोगिता खत्म करने की कोशिश की थी, कंपनी पर कार बेचते समय बीमा योजनाएं सुझाने का आरोप लगाया गया था, जिससे ग्राहकों को बाजार में उपलब्ध विकल्पों की तुलना में ज्यादा प्रीमियम चुकाना पड़ रहा था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें